Delhi: IIT Delhi अपने कैंपस को दुनिया के बेहतरीन संस्थानों जैसा बनाने की तैयारी में है। संस्थान अगले 10 सालों में करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे कैंपस का कायाकल्प करेगा। इस बड़े कदम से न केवल रिसर्च और इनोवेशन को ब
Delhi: IIT Delhi अपने कैंपस को दुनिया के बेहतरीन संस्थानों जैसा बनाने की तैयारी में है। संस्थान अगले 10 सालों में करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे कैंपस का कायाकल्प करेगा। इस बड़े कदम से न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्रों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
कैंपस में क्या-क्या बदलेगा और कितनी होगी लागत
IIT Delhi के इस रीडेवलपमेंट प्लान के तहत एकेडमिक, रिसर्च और रहने की सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में संस्थान के पूर्व छात्रों (Alumni) से भी आर्थिक और रणनीतिक मदद मिलने की उम्मीद है। इसका मुख्य मकसद बुनियादी ढांचे को इतना मजबूत करना है कि भविष्य की रिसर्च जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके और नए आइडियाज को हकीकत में बदला जा सके।
इंडस्ट्री के साथ साझेदारी और प्लेसमेंट का हाल
संस्थान ने NatWest Group के साथ हाथ मिलाया है ताकि छात्रों को AI, Fintech और Cybersecurity जैसे क्षेत्रों में सीधा अनुभव मिल सके। रोजगार के मोर्चे पर भी अच्छे नतीजे दिखे हैं। दिसंबर 2025 तक 1,140 से ज्यादा छात्र प्लेस हो चुके हैं और कुल 1,275 जॉब ऑफर मिले हैं। पिछले साल के मुकाबले प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPOs) में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए क्या है खास
IIT Delhi के FITT के जरिए इंडस्ट्री और कॉलेज के बीच की दूरी कम की जा रही है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को सहारा देने का लक्ष्य है, जिसमें 200 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा। संस्थान में डिजाइन इनोवेशन फेलो और प्रोजेक्ट आधारित भूमिकाओं के लिए भी भर्तियां की जा रही हैं ताकि नए टैलेंट को मौका मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IIT Delhi कैंपस के कायाकल्प पर कितना खर्च होगा
IIT Delhi अगले दस सालों में अपने कैंपस के रीडेवलपमेंट पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च करेगा, जिससे रिसर्च और पढ़ाई की सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
प्लेसमेंट सीजन 2025-26 के आंकड़े क्या रहे
दिसंबर 2025 तक 1,140 से अधिक छात्र प्लेस हुए और कुल 1,275 जॉब ऑफर मिले। साथ ही PPOs में 33 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।