IIT Bombay अब अमेरिका में भी देगा शिक्षा, New York में खुलेगा पहला विदेशी कैंपस

Maharashtra: देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT Bombay ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में अपना पहला विदेशी सब-कैंपस खोलने का ऐलान किया है। यह कैंपस New York के Long Island में State University of New York (SUNY) at Old West

Maharashtra: देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT Bombay ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में अपना पहला विदेशी सब-कैंपस खोलने का ऐलान किया है। यह कैंपस New York के Long Island में State University of New York (SUNY) at Old Westbury के साथ मिलकर चलाया जाएगा। इस पहल से अब भारतीय और विदेशी छात्रों को अमेरिका की धरती पर IIT Bombay के कोर्स पढ़ने का मौका मिलेगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए IIT Bombay के डायरेक्टर प्रोफेसर Shireesh Kedare और SUNY Old Westbury के प्रेसिडेंट डॉ. Timothy E. Sams के बीच एक समझौते (LoI) पर साइन हुए हैं। प्रोफेसर केदारे ने बताया कि यह कोई सामान्य एक्सचेंज प्रोग्राम या जॉइंट-डिग्री नहीं है, बल्कि IIT Bombay सीधे अमेरिका में अपने कोर्स ऑफर करेगा। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने भी वर्चुअली जुड़कर इसे भारत और अमेरिका के बीच उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

पढ़ाई की शुरुआत 2027 से होगी, जिसमें सबसे पहले सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। ये कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबिलिटी और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे नए विषयों पर आधारित होंगे। आने वाले समय में यहां साइंस और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और रिसर्च जैसे पूरे डिग्री प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। चूंकि SUNY Old Westbury में फिलहाल इंजीनियरिंग प्रोग्राम नहीं हैं, इसलिए IIT Bombay वहां अपनी विशेषज्ञता से इंजीनियरिंग एजुकेशन विंग तैयार करेगा।

छात्रों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि इस कैंपस में एडमिशन के लिए JEE-Advanced परीक्षा की जरूरत नहीं होगी। यह कोर्स पूरी दुनिया के छात्रों के लिए खुले रहेंगे, जिनमें भारत और अमेरिका के छात्र शामिल होंगे। संस्थान ने साफ किया है कि इसे भारतीय छात्रों के लिए विदेश जाने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं माना जाना चाहिए।

इस पूरे प्रोजेक्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जिससे होने वाली कमाई को रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने में लगाया जाएगा। शुरुआत में दोनों यूनिवर्सिटी के बीच फैकल्टी और रिसर्चर्स की अदला-बदली होगी और साथ मिलकर रिसर्च प्रोजेक्ट्स और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएंगे। इस पूरे तालमेल में न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास के Consul General बिनया एस. प्रधान की अहम भूमिका रही है।