Maharashtra में IAS तुकाराम मुंडे का एक्शन, मुंबई के कई मशहूर रेस्टोरेंट के लाइसेंस सस्पेंड

Maharashtra: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे इन दिनों पूरे राज्य में सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने मिलावटखोरों और नियमों को ताक पर रखने वाले होटल-रेस्टोरेंट के खिलाफ बड़ा अभि

Maharashtra: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे इन दिनों पूरे राज्य में सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने मिलावटखोरों और नियमों को ताक पर रखने वाले होटल-रेस्टोरेंट के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पिछले दो महीनों में 1100 से ज्यादा छापेमारी की गई है, जिससे मुंबई के बड़े कारोबारी और रेस्टोरेंट मालिक परेशान हैं।

IAS तुकाराम मुंडे अपने कड़े मिजाज और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। उनके 21 साल के करियर में अब तक 25 बार उनका ट्रांसफर हो चुका है। 19 मई 2026 को FDA कमिश्नर बनने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि FSSAI के नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उनकी टीम ने मुंबई के मशहूर K. Rustom & Co, नूर मोहम्मदी होटल और रहमनिया रेस्टोरेंट जैसे संस्थानों पर कार्रवाई की है और उनके लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल किए हैं। पारसी डेयरी फार्म पर भी हाइजीन की कमी के कारण एक्शन लिया गया है।

मुंडे की यह कार्रवाई सिर्फ रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है। उन्होंने गुटखा नेटवर्क के खिलाफ राज्य स्तर पर अभियान चलाकर करीब 904 ठिकानों पर छापेमारी की और MCOCA जैसे कड़े कानून का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, धाराशिव जिले में सिंथेटिक दूध बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया और शिर्डी में मिलावटी पेड़े जब्त किए। दवाओं की पैकेजिंग में गड़बड़ी मिलने पर Aciloc 150 और Aciloc 300 को मार्केट से वापस बुलाने के आदेश दिए गए हैं।

आम जनता की मदद के लिए 16 जुलाई 2026 को एक AI-आधारित शिकायत पोर्टल भी शुरू किया गया है। अब लोग मराठी, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में बोलकर मिलावटी खाने या नकली दवाओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुंडे ने कहा कि सुरक्षित खून मुहैया कराना FDA की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए ब्लड बैंकों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

हालांकि, इस सख्ती पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सुझाव दिया कि कारोबारियों को नियमों को सुधारने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। वहीं, कुछ छोटे दुकानदारों ने इसे अनावश्यक परेशानी बताया है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पब्लिक हेल्थ से कोई समझौता नहीं होगा।