Delhi और Haryana के बीच चली पहली Hydrogen Train, Jind-Sonipat रूट पर 120 kmph की रफ्तार से हुआ ट्रायल
Delhi/Haryana: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को दिल्ली और जींद के बीच इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। इस परीक्षण का मुख्य मकसद ट्रेन की इमरजेंसी ब्रेकिंग और उसकी स्थिरता यानी ऑसिले
Delhi/Haryana: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को दिल्ली और जींद के बीच इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। इस परीक्षण का मुख्य मकसद ट्रेन की इमरजेंसी ब्रेकिंग और उसकी स्थिरता यानी ऑसिलेशन की जांच करना था। यह ट्रेन आने वाले समय में प्रदूषण कम करने और सफर को आसान बनाने में मददगार होगी।
इस प्रोजेक्ट को लेकर भारतीय रेलवे और RDSO की टीमें लगातार काम कर रही हैं। जींद-सोनीपत सेक्शन में ट्रेन ने 120 kmph की रफ्तार का अंतिम ट्रायल पूरा किया है। इससे पहले मार्च और मई के महीने में भी अलग-अलग ट्रायल किए गए थे, जिसमें ट्रेन की रफ्तार और कोच की क्षमता को परखा गया था।
इस हाइड्रोजन ट्रेन की खास बातें नीचे दी गई टेबल में समझें:
| खासियत | विवरण |
|---|---|
| रफ्तार | अधिकतम 75 kmph (सामान्य संचालन), ट्रायल में 120 kmph तक |
| इंजन सिस्टम | 1200 KW हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम |
| कोच की संख्या | 10 कोच वाला DEMU ट्रेनसेट |
| प्रदूषण | जीरो एमिशन (सिर्फ पानी की भाप निकलती है) |
| सुरक्षा | हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर और फ्लेम डिटेक्शन सिस्टम |
| बनाने वाली संस्था | Integral Coach Factory (ICF), Chennai |
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही आम यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगी। जींद में हाइड्रोजन गैस के स्टोरेज और रिफिलिंग के लिए जरूरी सुविधाएं बना दी गई हैं, जिसके लिए PESO ने लाइसेंस भी दे दिया है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें सेंसर लगाए गए हैं जिनकी नियमित जांच होगी। RDSO लखनऊ की टीम ने भी इन सभी परीक्षणों की निगरानी की है और ऑपरेशन मैनुअल को मंजूरी दे दी है।