Hyderabad में जमीन की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड, मुंबई को पछाड़ा; Raidurg में एक एकड़ जमीन 237 करोड़ रुपये में बिकी

Finance: हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। शहर के Raidurg इलाके में सरकारी नीलामी के दौरान जमीन की कीमतों ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब चर्चा यह है कि क्या हैदराबाद जमीन

Finance: हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। शहर के Raidurg इलाके में सरकारी नीलामी के दौरान जमीन की कीमतों ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब चर्चा यह है कि क्या हैदराबाद जमीन की कीमतों के मामले में मुंबई से आगे निकल गया है।

तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TGIIC) ने Raidurg के Knowledge City में जमीन की ई-नीलामी की थी। मई 2026 में 6.29 एकड़ जमीन की नीलामी हुई, जिसमें एक एकड़ की कीमत 237 करोड़ रुपये रही। इस पूरी जमीन की कुल कीमत करीब 1,490 करोड़ रुपये पहुंची। इससे पहले अक्टूबर 2025 में इसी इलाके में जमीन 177 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बिकी थी। वहीं जून 2026 में 5.09 एकड़ का एक और प्लॉट 204 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बिका, जिससे राज्य सरकार को 1,038.36 करोड़ रुपये मिले।

अगर इसकी तुलना मुंबई से करें, तो हाल ही में Versova में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए Keystone Realtors ने जो डील की, उसमें जमीन की कीमत करीब 66 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बैठती है। यह हैदराबाद की सरकारी नीलामी की कीमतों से काफी कम है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन दोनों की सीधी तुलना करना सही नहीं है। हैदराबाद में यह कीमतें कमर्शियल जमीन की हैं, जहां आईटी और फाइनेंस कंपनियों के ऑफिस बनने वाले हैं, जबकि मुंबई की डील रिहायशी मकानों से जुड़ी थी।

विवरण हैदराबाद (Raidurg) मुंबई (Versova)
जमीन का प्रकार कमर्शियल (Commercial) रेजिडेंशियल (Residential)
अधिकतम कीमत (प्रति एकड़) 237 करोड़ रुपये करीब 66 करोड़ रुपये
प्राइस ग्रोथ (Q1 2026) 11.2% 20%
औसत कीमत (per sq ft) 8,240 रुपये 15,120 रुपये

TGIIC के वाइस चेयरमैन के. शशांक ने कहा कि यह कीमतें तेलंगाना के इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम की मजबूती को दिखाती हैं। दूसरी तरफ, ANAROCK के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि आईटी सेक्टर में अनिश्चितता और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से देश में घर की बिक्री में थोड़ी सुस्ती आई है।

इस बीच, हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में कुछ कानूनी अड़चनें भी आई हैं। SBI ने मई की नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की है, उनका दावा है कि 2010 में उन्हें इस जमीन का हिस्सा मिला था। इस वजह से तेलंगाना हाई कोर्ट ने 25 जून 2026 को इस पर तीन हफ्ते की रोक लगा दी थी। इसके अलावा Jamia Nizamia ने भी दावा किया है कि इस जमीन का कुछ हिस्सा वक्फ प्रॉपर्टी है।

आम खरीदारों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग 53% बढ़ी है, लेकिन करीब 63,000 फ्लैट्स की डिलीवरी में देरी हो रही है। इसका कारण सप्लाई चेन में दिक्कत और निर्माण लागत का बढ़ना बताया जा रहा है।