Hyderabad Metro के फंड को लेकर दिल्ली में हुई बड़ी मीटिंग, अब शहरी विकास मंत्रालय लेगा फैसला
Finance: हैदराबाद मेट्रो के फेज-1 को तेलंगाना सरकार के कब्जे में लेने और फेज-2 के विस्तार के लिए पैसों के इंतजाम को लेकर दिल्ली में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। सोमवार, 22 जून 2026 को हुई इस चर्चा में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल
Finance: हैदराबाद मेट्रो के फेज-1 को तेलंगाना सरकार के कब्जे में लेने और फेज-2 के विस्तार के लिए पैसों के इंतजाम को लेकर दिल्ली में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। सोमवार, 22 जून 2026 को हुई इस चर्चा में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया, जिसके बाद अब इस पूरे मामले को शहरी विकास मंत्रालय (Urban Development Ministry) के पास भेज दिया गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का कोई सकारात्मक समाधान निकल जाएगा।
इस बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि मेट्रो के लिए पैसा कहां से आएगा और कर्ज को कैसे चुकाया जाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडियन रेल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि IRFC का मुख्य काम रेलवे के बुनियादी ढांचे को फंड देना है, न कि मेट्रो प्रोजेक्ट्स को।
मीटिंग के दौरान सामने आए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- IRFC द्वारा तेलंगाना सरकार को मेट्रो टेकओवर के लिए करीब 13,000 करोड़ रुपये देने की खबरों पर रेल मंत्री ने चिंता जताई।
- केंद्र सरकार पहले से ही मेट्रो के दूसरे फेज के लिए वित्तीय मदद पर विचार कर रही है।
- चर्चा में कर्ज चुकाने के तरीके और वित्तीय देनदारियों (Financial Liabilities) को मैनेज करने पर बात हुई।
- बैठक में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल थे।
फिलहाल मामला मंत्रालय के पास है और सरकार यह तय करेगी कि फंडिंग का मॉडल क्या होगा ताकि मेट्रो का विस्तार और संचालन बिना किसी रुकावट के हो सके।