Maharashtra: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने मुंबई में अपना नया ‘यूनिलीवर फ्रैग्रेंस हब’ (UFH) शुरू किया है। यह सेंटर भारत को दुनिया के बड़े रिसर्च और ग्रोथ मार्केट के रूप में स्थापित करेगा। इस हब की मदद
Maharashtra: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने मुंबई में अपना नया ‘यूनिलीवर फ्रैग्रेंस हब’ (UFH) शुरू किया है। यह सेंटर भारत को दुनिया के बड़े रिसर्च और ग्रोथ मार्केट के रूप में स्थापित करेगा। इस हब की मदद से अब कंपनी नए और बेहतर खुशबू वाले प्रोडक्ट्स को बहुत कम समय में बाजार में उतार पाएगी।
मुंबई हब से आम ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
यह सेंटर IIT बॉम्बे में बनाया गया है, जिससे पढ़ाई और रिसर्च का मेल होगा। यहाँ AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा ताकि ग्राहकों की पसंद के हिसाब से खुशबू तैयार की जा सके। इससे शैम्पू, बॉडी वॉश, डियोड्रेंट और डिटर्जेंट जैसे 30 से ज्यादा प्रीमियम ब्रांड्स की क्वालिटी बेहतर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि नए प्रोडक्ट्स को बाजार में लाने का समय 18 महीने से घटकर 14 महीने से भी कम रह जाएगा।
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर कितना निवेश किया है?
यूनिलीवर ने दुनिया भर में अपनी खुशबू बनाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए 100 मिलियन यूरो का निवेश प्रोग्राम चलाया है। मुंबई का यह हब यूके और यूएस के बाद दुनिया का तीसरा ग्लोबल फ्रैग्रेंस हब है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इससे भारत में खुद की क्षमता बढ़ेगी और विदेशी निर्भरता कम होगी।
HUL के शेयर पर क्या असर पड़ेगा?
इस खबर के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के शेयरों पर है। हालांकि इसका असर तुरंत कमाई पर नहीं दिखेगा, लेकिन लंबे समय के लिए यह कंपनी को मजबूत बनाएगा।
| विवरण |
जानकारी |
| आखिरी शेयर कीमत |
₹2081.60 |
| औसत टारगेट प्राइस |
₹2634.80 |
| संभावित बढ़त (Upside) |
26.58% |
दिया हुआ जानकारी बस Expert की राय है, शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।, Disclaimer: Stock market investments can be risky, please consult your financial advisor.
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूनिलीवर फ्रैग्रेंस हब (UFH) क्या है?
यह एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर है जहाँ विज्ञान, AI और डिजिटल तकनीक की मदद से प्रोडक्ट्स के लिए नई खुशबू डिजाइन और टेस्ट की जाती है। मुंबई वाला हब दुनिया का तीसरा ऐसा सेंटर है।
इससे प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग में कितना समय बचेगा?
इस हब की वजह से प्रोडक्ट-टू-मार्केट लीड टाइम लगभग 20% कम हो जाएगा, जिससे इनोवेशन साइकिल 18 महीने से घटकर 14 महीने से भी कम हो जाएगी।