सूरज की अब तक की सबसे साफ तस्वीरें सामने आईं, वैज्ञानिकों ने खोज निकाले छोटे भंवर

World : वैज्ञानिकों ने सूरज की ऐसी तस्वीरें ली हैं जो पहले कभी नहीं देखी गईं। हवाई के Haleakalā पर स्थित Daniel K. Inouye Solar Telescope की मदद से सूरज की सतह की सबसे हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें ली गईं। इन तस्वीरों में सूरज

World : वैज्ञानिकों ने सूरज की ऐसी तस्वीरें ली हैं जो पहले कभी नहीं देखी गईं। हवाई के Haleakalā पर स्थित Daniel K. Inouye Solar Telescope की मदद से सूरज की सतह की सबसे हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें ली गईं। इन तस्वीरों में सूरज की सतह पर बहुत ही बारीक पैटर्न और हलचल नजर आई है।

इस रिसर्च के बारे में जानकारी 5 अगस्त 2026 को ‘Nature’ जर्नल में छापी गई। वैज्ञानिकों ने पहली बार सूरज की ऊपरी सतह (photosphere) पर Kelvin-Helmholtz Instabilities (KHI) को देखा है। ये असल में छोटे-छोटे गोल घूमने वाले भंवर और बारीक धारियां हैं जो मैग्नेटिक एलिमेंट्स के किनारों पर बनती हैं।

नेशनल सोलर ऑब्जर्वेटरी (NSO) के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. डेविड बोबोल्ट्ज़ ने बताया कि यह खोज सोलर प्लाज्मा की समझ को आगे ले जाने में एक बड़ा कदम है। वहीं नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) की प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. जैकलिन कीन ने कहा कि इन छोटी प्रक्रियाओं को समझने से स्पेस वेदर यानी अंतरिक्ष के मौसम को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

इस खोज की कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

खासियत विवरण
टेलीस्कोप का नाम Daniel K. Inouye Solar Telescope (DKIST)
तस्वीर की बारीकी 19 से 20 किलोमीटर तक के छोटे ढांचे देखे गए
इस्तेमाल की गई लाइट 416 नैनोमीटर (बैंगनी रोशनी)
मुख्य खोज Kelvin-Helmholtz Instabilities (KHI) भंवर
संस्थाएं NSO, NSF, Max Planck Institute, High Altitude Observatory

खगोलशास्त्री डेविड कुरिज़े ने इसे एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताया है क्योंकि इतनी छोटी चीजों को ट्रैक करना बहुत मुश्किल होता है। यह खोज इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे यह पता चलेगा कि सूरज का बाहरी वातावरण इतना गर्म कैसे होता है और मैग्नेटिक एनर्जी कैसे काम करती है। इसी वजह से सूरज पर फ्लेयर्स और अन्य गतिविधियां होती हैं, जिनका असर पृथ्वी के संचार तंत्र और मौसम पर भी पड़ सकता है। अब वैज्ञानिक कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिए इन भंवरों की संख्या और उनकी ऊर्जा का अध्ययन करेंगे।