Delhi, Maharashtra समेत कई राज्यों में भारी बारिश का कहर, जलभराव और पेड़ गिरने से थमी रफ्तार

Delhi/NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है और कई जगह पेड़ गिरने से गाड़ियां फंस गई हैं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी जाम

Delhi/NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है और कई जगह पेड़ गिरने से गाड़ियां फंस गई हैं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। IMD ने दिल्ली के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें दिन भर गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजधानी में मेहरौली-बदरपुर (MB) रोड और NH-24 जैसे मुख्य रास्तों पर पानी भरने से गाड़ियां डूब गईं और ट्रैफिक थम गया। ईस्ट ऑफ कैलाश के राजा धीर सिंह मार्ग पर दो बड़े पेड़ गिरने से एक खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं रोहिणी में भारी बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम के दिल्ली-जयपुर हाईवे और नोएडा के सेक्टर 6 में भी पेड़ गिरने और जलभराव की खबरें आई हैं। गाजियाबाद में जलभराव के कारण जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया।

महाराष्ट्र में भी हालात गंभीर रहे। पुणे में भारी बारिश से सड़कों और बेसमेंट में पानी भर गया, जिसके बाद नगर निगम के कंट्रोल रूम में करीब 250 शिकायतें दर्ज हुईं। यहाँ एक अस्थायी पुल और सड़क का हिस्सा बह गया, जिससे संपर्क टूट गया। नासिक में मंगलवार से बुधवार के बीच 142.3 मिमी बारिश हुई, जिससे 250 से ज्यादा जगहों पर पानी जमा हो गया और नासिक-त्रिंबक रोड को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। मुंबई में स्थिति और भी खराब रही, जहाँ 1 जुलाई से अब तक 1,696 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 8 जुलाई को ही 168 पेड़ गिरे। इन हादसों में इस मानसून सीजन में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।

मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। नासिक के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में पंप और इमरजेंसी टीमें तैनात की हैं ताकि पानी की निकासी जल्द हो सके।