उत्तर भारत और मध्य भारत: देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। छत्तीसगढ़, दिल्ली, यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। IMD ने कई इलाकों के लिए हीट
उत्तर भारत और मध्य भारत: देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। छत्तीसगढ़, दिल्ली, यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। IMD ने कई इलाकों के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की है और लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।
किन राज्यों में कितनी गर्मी और क्या है IMD का अलर्ट?
विभिन्न राज्यों में तापमान की स्थिति इस प्रकार है:
| राज्य |
तापमान/स्थिति |
अलर्ट/मुख्य जानकारी |
| उत्तर प्रदेश |
बांदा में 45.4°C |
19-21 अप्रैल तक भीषण लू की चेतावनी |
| छत्तीसगढ़ |
राजनांदगांव 44°C |
बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग में लू का अलर्ट |
| दिल्ली-NCR |
40°C से ऊपर |
अगले 6-7 दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान |
| राजस्थान |
40°C से ऊपर |
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में लू की संभावना |
| महाराष्ट्र |
अकोला 44°C |
विदर्भ और मराठवाड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित |
दिल्ली और यूपी में मौसम का हाल क्या रहेगा?
दिल्ली में अगले एक हफ्ते तक पारा 40 डिग्री के ऊपर रह सकता है। स्काईमेट के अनुसार, तापमान 41 से 42 डिग्री तक जा सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट और वाराणसी समेत कई जिलों में 21 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है। लखनऊ में भी तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुष्क हवाओं की वजह से यह गर्मी बढ़ी है।
महाराष्ट्र में कामगारों के लिए क्या नियम लागू हुए?
महाराष्ट्र सरकार ने गर्मी को देखते हुए असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए SOP लागू की है। ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहरी काम बंद रखने की सलाह दी गई है। राज्य के विदर्भ और मराठवाड़ा इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर है, हालांकि मध्य महाराष्ट्र में 22 अप्रैल तक बारिश की संभावना है जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
लू से बचने के लिए डॉक्टरों ने क्या सलाह दी है?
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साथ ही हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याओं से बचा जा सके।