Haryana के शहरों का बदलेगा चेहरा, Gurugram और Faridabad में 24 घंटे मिलेगा पानी, CM ने जारी किया रोडमैप

Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के शहरों को आधुनिक बनाने के लिए ‘विज़न-2047’ के तहत एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में शहरों के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है त

Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के शहरों को आधुनिक बनाने के लिए ‘विज़न-2047’ के तहत एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में शहरों के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा किया जा सके। इस योजना के तहत आम लोगों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई डिजिटल और बुनियादी बदलाव किए जाएंगे।

सबसे बड़ी राहत Gurugram और Faridabad के निवासियों को मिलेगी, जहां एक पायलट प्रोजेक्ट के जरिए 24 घंटे पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, शहरी निवासियों के लिए एक ‘Integrated Super App’ बनाया जा रहा है। इस ऐप से लोग अपनी Property ID लिंक कर सकेंगे, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स और पानी के बिल भरना, शिकायत दर्ज करना और सरकारी सेवाओं का लाभ लेना आसान हो जाएगा।

शहरों की सूरत बदलने के लिए कुछ खास प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू हो रहा है। KMP कॉरिडोर के किनारे 5,000 एकड़ में ‘Namo City’ बसाई जाएगी और Pinjore में एक ‘Wedding City’ बनाने का प्रस्ताव है। वहीं Panchkula, Gurugram, Faridabad और Sonipat को विदेशी शहरों के साथ ‘Sister City’ पहल के जरिए थीम-आधारित शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रोजेक्ट/सुविधा मुख्य विवरण
पानी की सप्लाई Gurugram और Faridabad में 24×7 सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट
डिजिटल सुविधा सुपर ऐप, फ्री Wi-Fi और टच-स्क्रीन कियोस्क
पर्यावरण सरकारी बिल्डिंग और 250 गज से बड़े मकानों में Rainwater Harvesting अनिवार्य
वेस्ट मैनेजमेंट Gurugram, Faridabad, Hisar, Yamunanagar और Ambala में Waste-to-Energy प्लांट
नियोजित शहर Namo City (KMP कॉरिडोर) और Wedding City (Pinjore)
कॉलोनियां नियमित कॉलोनियों में 838 करोड़ रुपये के विकास कार्य
बिल्डिंग प्लान घर और दुकान के नक्शे पास करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन

पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब शहरी इलाकों में 250 वर्ग गज से अधिक के रिहायशी मकानों और सभी सरकारी इमारतों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही, अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने और नियमित कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने के लिए 838 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने आवास विभाग को निर्देश दिए हैं कि हर निवासी के लिए घर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसके लिए पात्र परिवारों की पहचान कर एक्शन प्लान तैयार किया जाए। साथ ही, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है ताकि भ्रष्टाचार कम हो और काम जल्दी हो सके।