Haryana: गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में चल रहे लिंग जांच के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने एक जाल बिछाकर इस रैकेट को पकड़ा। इस गिरोह के सदस्य गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम लेकर उन्ह
Haryana: गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में चल रहे लिंग जांच के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने एक जाल बिछाकर इस रैकेट को पकड़ा। इस गिरोह के सदस्य गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम लेकर उन्हें धोखा दे रहे थे। पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
कैसे पकड़ा गया यह रैकेट और क्या थी डील
गुरुग्राम जिला Appropriate Authority ने इस ऑपरेशन के लिए सीमा नाम की एक महिला को ‘डेकॉय’ (नकली मरीज) बनाकर भेजा। सोमवार, 25 मई 2026 को सीमा ने मुख्य आरोपी से संपर्क किया और लिंग जांच के लिए 36,000 रुपये की डील तय की। मंगलवार को जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची, तो मुख्य आरोपी डॉ. जीके पचोरी और उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए। आरोपी डॉ. पचोरी पलवल के असाओटी में गौतम क्लिनिक चलाता था।
1000 से ज्यादा महिलाओं के साथ की धोखाधड़ी
गुरुग्राम के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र सोलंकी ने बताया कि आरोपी दलाल ने करीब 1,000 टेस्ट करने का दावा किया है। वह महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करने का नाटक करता था और हमेशा यही बताता था कि गर्भ में लड़की है। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि वह बाद में उन महिलाओं से गर्भपात कराने के नाम पर और पैसे वसूल सके। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
PCPNDT एक्ट और सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ PCPNDT एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट की धारा 34 भी लगाई गई है क्योंकि बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस की जा रही थी। हरियाणा सरकार ने इस दिशा में सख्ती बढ़ाई है और 2014 से अब तक राज्य में 1,217 FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 4,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस रैकेट में मुख्य आरोपी कौन है और वह कैसे काम करता था
मुख्य आरोपी डॉ. जीके पचोरी है जो पलवल में गौतम क्लिनिक चलाता था। वह महिलाओं को फर्जी अल्ट्रासाउंड करके यह बताता था कि गर्भ में लड़की है, ताकि बाद में उनसे गर्भपात के लिए पैसे ले सके।
लिंग जांच के लिए कितनी रकम मांगी गई थी
पुलिस की टीम ने जब जाल बिछाया तो इस रैकेट के सदस्यों ने लिंग जांच के लिए 36,000 रुपये की डील की थी।