Haryana : नूह के फिरोजपुर झिरका इलाके में मंगलवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस की वजह से दो सफाईकर्मियों की जान चली गई और एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में ला
Haryana : नूह के फिरोजपुर झिरका इलाके में मंगलवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस की वजह से दो सफाईकर्मियों की जान चली गई और एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
हादसा कैसे हुआ और अब क्या स्थिति है?
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात एक सफाईकर्मी सीवर के अंदर गया और बाहर नहीं निकला। उसे बचाने के लिए जब दूसरा कर्मचारी अंदर गया, तो वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। तीसरे कर्मचारी ने खतरा महसूस करते हुए तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अर्थमूवर की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया। दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे को Mandi Kheda के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अब धीरे-धीरे सुधर रही है।
मृतकों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
- अब्दुल कलाम: उत्तर प्रदेश (UP) के रहने वाले।
- कलवा: हरियाणा के पलवल के रहने वाले।
- नियोक्ता: ये कर्मचारी फिरोजपुर झिरका नगरपालिका द्वारा नियुक्त थे।
- लोकेशन: हादसा नेशनल हाईवे 248A (गुड़गांव-अलवर रोड) पर अंबेडकर चौक के पास हुआ।
परिजनों की शिकायत पर सिटी फिरोजपुर झिरका पुलिस स्टेशन में लापरवाही के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि काम की देखरेख करने वाला ठेकेदार हादसे के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है।
सीवर सफाई और भारत में कानून
भारत में PEMSR Act 2013 के तहत हाथ से सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। कानून के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में ही इंसान को अंदर भेजा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा उपकरण देना अनिवार्य है। सुरक्षा गियर न देना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।