Haryana: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नवीन डबास उर्फ जोरा गैंग के एक खतरनाक शूटर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. पकड़े गए शूटर की पहचान चिराग उर्फ सचिन के रूप में हुई है, जो सोनीपत के खरखौदा का रहने वाला है
Haryana: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नवीन डबास उर्फ जोरा गैंग के एक खतरनाक शूटर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. पकड़े गए शूटर की पहचान चिराग उर्फ सचिन के रूप में हुई है, जो सोनीपत के खरखौदा का रहने वाला है. पुलिस ने इसे दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस के साथ दबोचा है. चिराग पिछले कुछ समय से हरियाणा के झज्जर में एक मेडिकल स्टोर पर रंगदारी के लिए फायरिंग करने के मामले में फरार चल रहा था.
झज्जर में फायरिंग और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा मामला 5 मई, 2026 का है जब चिराग ने अपने साथियों मोहित और जतिन के साथ मिलकर झज्जर के एक मेडिकल स्टोर पर दहशत फैलाने के लिए गोलियां चलाई थीं. इस मामले में झज्जर सिटी थाने में एफआईआर संख्या 111/26 दर्ज की गई थी. पुलिस के मुताबिक चिराग के दो साथी पहले ही पकड़े जा चुके थे लेकिन चिराग लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. स्पेशल सेल की टीम को खुफिया जानकारी मिली थी कि वह किसी वारदात या छिपने के इरादे से रोहिणी आने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
दुबई से जोरा गैंग का नेटवर्क और चिराग की भूमिका
पुलिस जांच में पता चला है कि नवीन डबास उर्फ जोरा फिलहाल दुबई में बैठकर अपना गैंग चला रहा है. वह सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में अपने गुर्गों को निर्देश देता है. चिराग भी जोरा के सीधे संपर्क में था और उसी के कहने पर उसने झज्जर में वारदात को अंजाम दिया था. फायरिंग के बाद जोरा ने उसे दिल्ली में तब तक छिपने को कहा था जब तक अगला आदेश न मिले. स्पेशल सेल अब चिराग से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि इस गैंग के निशाने पर और कौन-कौन से कारोबारी थे और हथियार कहां से सप्लाई हो रहे थे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
चिराग उर्फ सचिन की गिरफ्तारी कहां से हुई?
नवीन डबास उर्फ जोरा गैंग के शूटर चिराग उर्फ सचिन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया है.
झज्जर मेडिकल स्टोर फायरिंग की घटना कब हुई थी?
यह घटना 5 मई, 2026 को हरियाणा के झज्जर जिले में हुई थी, जहां रंगदारी मांगने के लिए मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की गई थी.