Haryana में बैंक फ्रॉड मामला: CBI की गिरफ्तारी के बाद IAS पंकज अग्रवाल सस्पेंड, 504 करोड़ के गबन का आरोप

Haryana: हरियाणा सरकार ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में फंसे IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई CBI द्वारा उनकी गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद की गई है। पंकज अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और माम

Haryana: हरियाणा सरकार ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में फंसे IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई CBI द्वारा उनकी गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद की गई है। पंकज अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को CBI ने हिरासत में लिया था। इसके बाद 23 जून को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की CBI रिमांड मिली। 26 जून को पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और अब वे 4 जुलाई तक जेल में रहेंगे।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, पंकज अग्रवाल को ‘डीम्ड सस्पेंशन’ के तहत निलंबित किया गया है। नियम के अनुसार, अगर कोई अधिकारी 48 घंटे से ज्यादा सरकारी हिरासत में रहता है, तो उसे निलंबित माना जाता है। सस्पेंशन के दौरान उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता मिलेगा।

CBI का आरोप है कि पंकज अग्रवाल ने सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए आए 504 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने हरियाणा वित्त विभाग के नियमों को ताक पर रखकर बैंक खाते खुलवाए और सरकारी फंड को दूसरी जगह भेजने के लिए फाइलों में बदलाव किए। एजेंसी का कहना है कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और अपने फोन से जरूरी डिजिटल फाइलें भी डिलीट कर दीं।

विवरण जानकारी
अधिकारी का नाम पंकज अग्रवाल (2000 बैच IAS)
कुल घोटाला (अनुमानित) 657 करोड़ रुपये
गबन की राशि (आरोप) 504 करोड़ रुपये
संबंधित बैंक IDFC First Bank और AU Small Finance Bank
प्रभावित विभाग HSSPP और HSAMB (करीब 60.54 करोड़ का नुकसान)
कुल गिरफ्तारियां 19 लोग (2 IAS अधिकारियों समेत)

इस पूरे घोटाले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पंकज अग्रवाल के अलावा एक और IAS अधिकारी राम कुमार सिंह भी शामिल हैं। CBI ने बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों समेत 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।