Haryana सरकार का दावा, 2028 तक साफ होगी यमुना में गिरने वाली गंदी नालियां
Haryana: यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार ने National Green Tribunal (NGT) को बताया है कि यमुना में गिरने वाले गंदे पानी के नालों को साफ करने का काम जून 2028 तक पूर
Haryana: यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार ने National Green Tribunal (NGT) को बताया है कि यमुना में गिरने वाले गंदे पानी के नालों को साफ करने का काम जून 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। यह कदम खासतौर पर उन इलाकों के लिए जरूरी है जहां गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नदी में जा रहा है।
सरकार ने बताया कि Drain No. 6 एक मुख्य नाला है जो यमुना में गिरता है। इसे असल में बारिश के पानी के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसमें शहरों और गांवों का गंदा पानी मिल रहा है। Panipat और Sonipat जिलों में ऐसे 36 पॉइंट्स मिले हैं जहां से रोजाना करीब 42.2 MLD गंदा पानी नदी में जा रहा है। इस पानी को रोकने और मोड़ने के लिए हरियाणा सरकार ने एक्शन प्लान बनाया है।
सिर्फ Drain No. 6 ही नहीं, बल्कि Diversion Drain No. 8 की भी जांच हुई है। यहां 15 प्रदूषण फैलाने वाले स्रोत मिले थे, जिनमें से 8 को ठीक कर लिया गया है। बाकी बचे 7 पॉइंट्स से निकलने वाले गंदे पानी को दिसंबर 2027 तक रोकने का लक्ष्य रखा गया है।
यमुना की सफाई के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। 31 दिसंबर 2027 तक सभी प्रदूषण नियंत्रण प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके लिए 3 जून 2026 से एक मिशन-मोड प्रोग्राम शुरू हुआ है, जिसकी हर 20 दिन में समीक्षा की जा रही है।
| प्रोजेक्ट/सुविधा | विवरण/लक्ष्य |
|---|---|
| मौजूदा STPs | 91 चालू प्लांट (क्षमता 1,543 MLD) |
| नए STPs | 3 प्लांट मार्च 2027 तक पूरे होंगे (क्षमता 88 MLD) |
| कुल लक्ष्य | 2027 तक हरियाणा, दिल्ली और UP में 59 नए STPs |
| निगरानी तरीका | ड्रोन सर्वे और रियल-टाइम मॉनिटरिंग |
| बजट | क्लाइमेट फंड के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव |
इस पूरे काम की निगरानी NGT कर रहा है। मामला तब बढ़ा जब दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने आरोप लगाया कि हरियाणा से बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी यमुना में जा रहा है, जिससे Burari के पास मछलियां मर गई थीं। अब मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी विभागों को काम में तेजी लाने और तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी दिल्ली, हरियाणा और UP के बीच बेहतर तालमेल और जवाबदेही पर जोर दिया है।