Haryana में सरकारी फंड घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, IAS अधिकारी समेत कई गिरफ्तार
Haryana: हरियाणा सरकार के फंड में हुए बड़े घोटाले के मामले में CBI ने सख्त एक्शन लिया है। जांच एजेंसी ने एक सीनियर IAS अधिकारी और बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला सरकारी पैसों की हेराफेरी से जुड़ा है, ज
Haryana: हरियाणा सरकार के फंड में हुए बड़े घोटाले के मामले में CBI ने सख्त एक्शन लिया है। जांच एजेंसी ने एक सीनियर IAS अधिकारी और बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला सरकारी पैसों की हेराफेरी से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
CBI ने 30 जून 2026 को IAS अधिकारी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया, जो हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के मेंबर सेक्रेटरी थे। हैरानी की बात यह है कि उन्हें उनकी रिटायरमेंट के दिन ही पकड़ा गया। आरोप है कि उन्होंने IDFC First Bank में करीब 169 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में सीधी भूमिका निभाई। उन्होंने बिना जरूरी मंजूरी के खाते खुलवाए और नियमों से ज्यादा पैसा बैंक में भेजा, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी।
इस मामले में सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि बैंकों की मिलीभगत भी सामने आई है। CBI ने IDFC First Bank के पूर्व एरिया हेड शमीम दार और AU Small Finance Bank के मोहाली ब्रांच के पूर्व मैनेजर चरणजीत सिंह रंधावा को भी गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और अनधिकृत डेबिट नोट्स के जरिए सरकारी पैसों को इधर-उधर करने में मदद की।
इस घोटाले का दायरा काफी बड़ा है और इसमें हरियाणा के करीब 8 सरकारी विभाग शामिल हैं। अब तक की जांच में सामने आए मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल अनुमानित घोटाला | ₹504 करोड़ से ₹657 करोड़ के बीच |
| सबसे बड़ा नुकसान | HSPCB (₹169 करोड़) |
| गिरफ्तार IAS अधिकारी | प्रदीप कुमार, पंकज अग्रवाल, राम कुमार सिंह |
| कुल चार्जशीट | 17 आरोपियों के खिलाफ (बैंक अधिकारी और सरकारी सेवक शामिल) |
| शामिल बैंक | IDFC First Bank और AU Small Finance Bank |
| प्रभावित विभाग | HSPCB, HSSPP, HSAMB और पंचकूला नगर निगम |
CBI ने बताया कि पंकज अग्रवाल (पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी) और राम कुमार सिंह (पूर्व कमिश्नर, पंचकूला नगर निगम) को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। राम कुमार सिंह पर नगर निगम के खाते से ₹79.46 करोड़ की हेराफेरी का आरोप है। जांच एजेंसी ने अब तक 6 बैंक अधिकारियों, 3 सरकारी कर्मचारियों, 2 कंपनियों और 6 निजी व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।