Haryana और Delhi: हरियाणा के रोहतक से दिल्ली तक एक डोनर हार्ट को महज 85 मिनट में पहुंचाया गया। 9 अप्रैल को दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर 98 किलोमीटर लंबा Green Corridor बनाया ताकि अंग प्रत्यारोपण के लिए समय पर दिल
Haryana और Delhi: हरियाणा के रोहतक से दिल्ली तक एक डोनर हार्ट को महज 85 मिनट में पहुंचाया गया। 9 अप्रैल को दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर 98 किलोमीटर लंबा Green Corridor बनाया ताकि अंग प्रत्यारोपण के लिए समय पर दिल पहुंचाया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया ने एक 26 साल के युवक की जान बचा ली है।
ग्रीन कॉरिडोर और ऑपरेशन की मुख्य बातें क्या रहीं
यह पूरा ऑपरेशन 9 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:50 बजे से शाम 4:15 बजे के बीच चला। रोहतक के Pt B D Sharma PGIMS से दिल को दिल्ली के Fortis Escorts Heart Institute, Okhla ले जाया गया। इस काम में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक को मैनेज किया ताकि एम्बुलेंस बिना रुके पहुंच सके।
किसे मिला अंग और किन अस्पतालों की रही भूमिका
भिवानी जिले के एक 37 साल के ब्रेन डेड व्यक्ति के परिवार ने अंग दान करने की सहमति दी थी। उनके द्वारा दान किए गए अंगों से कई लोगों की जान बची।
| अंग (Organ) |
अस्पताल जहाँ ट्रांसप्लांट हुआ |
| दिल (Heart) |
Fortis Escorts Heart Institute, Okhla, Delhi |
| फेफड़े (Lungs) |
Artemis Hospital, Gurugram |
| लिवर और पैन्क्रियाज |
AIIMS, New Delhi |
| किडनी और कॉर्निया |
PGIMS Rohtak |
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने क्या कहा
Pt BD Sharma University के कुलपति डॉ. HK Aggarwal ने बताया कि अंग दान इंसानियत का सबसे बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार एक ही दिन में तीन बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। Fortis Escorts के डॉ. Z S Meherwal ने बताया कि हार्ट ट्रांसप्लांट की सफलता के लिए सही समय पर अंग का पहुंचना बहुत जरूरी होता है।