Haryana में सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, CM नायब सिंह सैनी ने दिए निर्देश

Haryana: मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सरकारी प्रोजेक्ट्स में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि विकास कार्यों की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएग

Haryana: मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सरकारी प्रोजेक्ट्स में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि विकास कार्यों की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि हर प्रोजेक्ट तय मानकों और स्पेसिफिकेशन के हिसाब से ही पूरा किया जाए।

14 जुलाई 2026 को Quality Assurance Authority (QAA) की समीक्षा बैठक के दौरान CM सैनी ने टेक्निकल ऑडिट और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले बुनियादी ढांचे लंबे समय तक चलने चाहिए। सड़क निर्माण में लेयरिंग और टेंडर डॉक्यूमेंट में लिखी शर्तों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। साथ ही, उन्होंने PRAGATI प्रोजेक्ट की बैठक में भी यह चेतावनी दी कि सरकारी प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए और डेडलाइन बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।

गुणवत्ता बनाए रखने के लिए QAA ने एक नया SOP और स्कोरिंग सिस्टम लागू किया है, जिससे प्रोजेक्ट्स की निगरानी होगी। इसके तहत प्रोजेक्ट्स को अंकों के आधार पर परखा जाएगा:

स्कोर (Marks) स्थिति (Status)
90 से ऊपर संतोषजनक और पूरी तरह सही
75 से 90 के बीच सुधार की जरूरत
75 से कम असंतोषजनक

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब सभी ऑडिट रिपोर्ट को Haryana Engineering Works Portal और मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के आगामी सत्र में QAA Act लाने की तैयारी भी शुरू कर दी है, ताकि जवाबदेही और मजबूत हो सके। इसके अलावा, राज्य में नए टेस्टिंग लैब बनाए जाएंगे ताकि सिविल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी की जांच मौके पर ही हो सके। निरीक्षण कमेटियों में बाहरी सदस्यों को शामिल किया जाएगा ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

QAA के चेयरमैन Rajeev Arora ने बैठक में बताया कि प्रोजेक्ट डिजाइन के लिए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की गई है और सभी लैब को नेशनल लेवल के मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। सिंचाई, लोक निर्माण (B&R), बिजली और जनस्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के साथ-साथ हरियाणा में काम कर रहे केंद्रीय PSU के प्रोजेक्ट्स का भी समय-समय पर ऑडिट किया जाएगा। प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समय सीमा के अंदर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें।