Haryana : राज्य में जनगणना (Census) का काम शुरू हो चुका है, लेकिन गुरुग्राम और अन्य शहरों की बड़ी सोसायटियों में सर्वे करने वाले अधिकारियों को अंदर जाने में दिक्कत आ रही है। सुरक्षा कारणों से कई RWA और सिक्योरिटी गार्ड्स
Haryana : राज्य में जनगणना (Census) का काम शुरू हो चुका है, लेकिन गुरुग्राम और अन्य शहरों की बड़ी सोसायटियों में सर्वे करने वाले अधिकारियों को अंदर जाने में दिक्कत आ रही है। सुरक्षा कारणों से कई RWA और सिक्योरिटी गार्ड्स उन्हें एंट्री नहीं दे रहे हैं। अब इस समस्या को सुलझाने के लिए प्रशासन ने QR कोड वाला पहचान पत्र जारी किया है ताकि लोग उनकी असलियत जांच सकें।
Census अधिकारियों की पहचान कैसे करें और क्या है नियम
Haryana के Census Operations के डायरेक्टर Lalit Jain ने बताया कि सभी सर्वे करने वाले अधिकारियों के पास आईडी कार्ड हैं जिनमें QR कोड लगा है। निवासी इस कोड को स्कैन करके वेरिफाई कर सकते हैं कि आने वाला व्यक्ति सरकारी कर्मचारी है या नहीं। उन्होंने साफ किया कि अधिकारी आपसे कोई OTP या आधार नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगेंगे और सारा डेटा गुप्त रखा जाएगा।
हाई-राइज सोसायटियों और RWA के लिए क्या निर्देश हैं
प्रशासन ने RWA और प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों से सहयोग की अपील की है। Lalit Jain ने कहा कि जनगणना का काम संवैधानिक रूप से जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं और बुनियादी ढांचा तैयार होता है। अगर कोई अधिकारी एंट्री के समय दिक्कत महसूस करता है, तो गुरुग्राम प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी बनाया है, जो राज्य के 1855 टोल-फ्री नंबर की तरह काम करेगा।
जनगणना में सहयोग न करना पड़ सकता है भारी
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल हो रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक, Census Act के तहत जनगणना अधिकारियों को जानकारी न देना या उनके काम में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में मदद करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Census अधिकारी मुझसे मेरा OTP या आधार नंबर मांग सकते हैं?
नहीं, डायरेक्टर Lalit Jain ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिकारी आपसे कोई OTP या आधार नंबर जैसी निजी और संवेदनशील जानकारी नहीं मांगेंगे।
अगर मुझे सर्वे करने वाले व्यक्ति पर शक हो तो क्या करूं?
आप उनके आईडी कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके उनकी पहचान वेरिफाई कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी समस्या के लिए प्रशासन द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है।