Mumbai में परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े गए Haryana के 4 युवक, मॉडिफाइड डिवाइस के साथ पहुंचे थे सेंटर
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के IIT-Powai स्थित केंद्रीय विद्यालय में ग्रुप डी (चपरासी और गार्ड) की परीक्षा के दौरान हरियाणा के चार युवक नकल करते पकड़े गए। ये चारों युवक मॉडिफाइड मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस न
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के IIT-Powai स्थित केंद्रीय विद्यालय में ग्रुप डी (चपरासी और गार्ड) की परीक्षा के दौरान हरियाणा के चार युवक नकल करते पकड़े गए। ये चारों युवक मॉडिफाइड मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और पांच दिन की पुलिस रिमांड के बाद शुक्रवार को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है।
यह परीक्षा 9 अगस्त को सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित की गई थी। मुंबई सेंटर पर कुल 324 उम्मीदवार शामिल हुए थे। सुरक्षा के लिए हर कमरे में जैमर लगाए गए थे और कड़ी चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक इनविजिलैटर ने देवेंद्र सिंह नाम के युवक की बॉडी मूवमेंट को संदिग्ध पाया, क्योंकि वह जैमर की वजह से डिवाइस का कनेक्शन जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
पकड़े गए युवकों की पहचान देवेंद्र सिंह, भूप सिंह, रवि सिंह और रविंद्र सिंह के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है। पुलिस ने इनके पास से सात मॉडिफाइड डिवाइस बरामद किए। ये डिवाइस केवल ढाई इंच के सर्किट बोर्ड थे, जिनमें कोई स्क्रीन या कीबोर्ड नहीं था। इनमें एक सिम कार्ड स्लॉट, छोटी बैटरी और एक लाल बटन था, जो ब्लूटूथ डिवाइस से जुड़ा था।
इन ब्लूटूथ डिवाइस को उंगलियों के बीच छिपाया गया था। एक संदिग्ध के कान में ब्लूटूथ डिवाइस इतनी गहराई में फंसा था कि उसे निकालने के लिए डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ी। ये डिवाइस करीब 700 रुपये के थे और कॉल आने पर बिल्कुल शांत रहते थे ताकि किसी को पता न चले।
डीसीपी (वेस्ट जोन-3) दत्ता नलावडे और पवई पुलिस इंस्पेक्टर गणेश पाटिल ने बताया कि इस मामले में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। पकड़े गए लोग डमी कैंडिडेट नहीं थे और उनके आधार कार्ड की जानकारी हॉल टिकट से मैच कर गई थी। पुलिस अब उन सप्लायर्स की तलाश कर रही है जिन्होंने ये डिवाइस मुहैया कराए थे।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 के तहत ऐसे मामलों में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।