Hardoi के हरपालपुर में बेसमेंट कोचिंग सेंटर सीज, अस्पताल संचालक फरार; लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Hardoi: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग से 15 छात्रों की मौत के बाद अब पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी में हरपालपुर में नायब तहसीलदार और अग्निशमन विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान

Hardoi: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग से 15 छात्रों की मौत के बाद अब पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी में हरपालपुर में नायब तहसीलदार और अग्निशमन विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ा रहे एक बेसमेंट कोचिंग सेंटर को सीज कर दिया गया और कई अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गए।

मंगलवार देर शाम उप जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार राजेश पटेल और सवाईजपुर फायर स्टेशन के प्रभारी गौतम चौहान की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने हरपालपुर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे प्राइवेट अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच की। छापेमारी के दौरान सहारा हॉस्पिटल, चाइल्ड केयर सेंटर और आरोग्य पॉली क्लिनिक में भारी गड़बड़ियां मिलीं। इन अस्पतालों के पास न तो स्वास्थ्य विभाग का रजिस्ट्रेशन था और न ही फायर NOC। जैसे ही टीम पहुंची, अस्पताल संचालक अपने संस्थान में ताला लगाकर फरार हो गए।

यह पूरी कार्रवाई 22 जून को लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद शुरू हुए प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ हादसे की जांच के लिए SIT गठित की थी और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित किया था। प्रशासन अब उन सभी संस्थानों पर नजर रख रहा है जो बेसमेंट में कक्षाएं चला रहे हैं या जहां आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था नहीं है।

उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों जैसे कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजियाबाद में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई है, जिसमें अब तक 84 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को सीज किया जा चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। जिन संस्थानों में फायर अलार्म और अग्निशमन यंत्र नहीं मिले, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।