Hapur में Kanwar Yatra की तैयारियां पूरी, 30 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, ट्रैफिक रूट में बड़े बदलाव
Hapur: जनपद हापुड़ में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। डीएम कविता मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। पूरे जिले को पांच अलग-अलग जोन में
Hapur: जनपद हापुड़ में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। डीएम कविता मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। पूरे जिले को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है ताकि भीड़ को सही तरीके से मैनेज किया जा सके। बृजघाट, जहां से कांवड़िए गंगाजल भरते हैं, वहां बैरिकेडिंग, लाइटिंग और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ एक पुलिस चौकी भी बनाई गई है।
यह यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक चलेगी। 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के मौके पर भक्त जलाभिषेक करेंगे। वहीं 9 से 11 अगस्त के बीच ‘डाक कांवड़’ की दौड़ होगी, जिसकी मुख्य दौड़ 10 अगस्त को शुरू होगी। प्रशासन ने शिविर लगाने वालों के लिए एसडीएम के जरिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है और खाद्य सुरक्षा विभाग करीब 130 दुकानों की जांच कर रहा है ताकि खाने की क्वालिटी बनी रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए UPSRTC की अतिरिक्त बसें चलाने और 24 घंटे कंट्रोल रूम खोलने का फैसला किया है। बसों की स्पीड लिमिट और ड्राइवरों के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य किया गया है। वहीं दिल्ली सरकार ने कांवड़ शिविरों के लिए आर्थिक मदद बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें बड़े शिविरों को अब 11 लाख के बजाय 15 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है ताकि कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो। गाजियाबाद में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। मेरठ और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी भारी वाहनों के लिए पाबंदी लगाई गई है। 7 से 12 अगस्त तक एक्सप्रेसवे का यूपी वाला हिस्सा आम ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा और केवल कांवड़ियों के लिए एक समर्पित लेन होगी। मुजफ्फरनगर में भी 4 से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर रोड पर सभी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी।
उत्तराखंड जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड जैसे सरकारी फोटो आईडी लाना जरूरी होगा। यात्रा के दौरान नुकीले हथियार या बहुत बड़े त्रिशूल ले जाने की मनाही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।