Hapur में आयुष्मान कार्ड की गलतियां अब जिले में ही होंगी ठीक, लखनऊ जाने की झंझट खत्म

Hapur: हापुड़ जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब आयुष्मान कार्ड में नाम, जन्म तिथि या पते जैसी गलतियों को सुधारने के लिए लखनऊ जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सारा काम अब जिला स्तर पर ही हो जाएगा, जिससे लाभार्थियों

Hapur: हापुड़ जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब आयुष्मान कार्ड में नाम, जन्म तिथि या पते जैसी गलतियों को सुधारने के लिए लखनऊ जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सारा काम अब जिला स्तर पर ही हो जाएगा, जिससे लाभार्थियों के समय और पैसे की बचत होगी।

यह सुविधा इसलिए शुरू हो पाई है क्योंकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), आयुष्मान नोडल अधिकारियों और जिला कार्यान्वयन इकाइयों को एक विशेष तकनीकी आईडी (Technical ID) दे दी गई है। इस नई आईडी की मदद से जिले के अधिकारी अब खुद आयुष्मान कार्ड को अप्रूव कर सकेंगे, गलत आवेदनों को रिजेक्ट कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर कार्ड को डीएक्टिवेट भी कर सकेंगे।

स्टेट हेल्थ एजेंसी (SACHIS) की CEO अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि पात्र लोगों को बिना किसी देरी या परेशानी के स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। इसी कोशिश के तहत प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और आसान बनाया गया है। यह बदलाव केवल हापुड़ ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज मिलने में कोई तकनीकी रुकावट न आए।

इस नई व्यवस्था से अब नाम, पता और जन्म तिथि जैसी तकनीकी त्रुटियों का निपटारा तेजी से होगा। इसके अलावा, सरकार अस्पतालों की निगरानी भी बढ़ा रही है। इस साल करीब 200 अस्पतालों को गड़बड़ियों और शिकायतों के कारण योजना से बाहर किया गया है और 300 अन्य अस्पतालों की जांच चल रही है। राज्य में क्लेम सेटलमेंट का औसत समय अब 57 दिन है, जो राष्ट्रीय औसत 73 दिन से बेहतर है।