UP/Bihar: गाजीपुर और बिहार को जोड़ने वाले 41 साल पुराने वीर अब्दुल हमीद सेतु की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। NHAI इस पुल के स्पैन बेयरिंग की हाईटेक जांच करा रहा है, जिसके कारण आज यानी 27 मई 2026 को यातायात पर असर पड़ेगा।
UP/Bihar: गाजीपुर और बिहार को जोड़ने वाले 41 साल पुराने वीर अब्दुल हमीद सेतु की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। NHAI इस पुल के स्पैन बेयरिंग की हाईटेक जांच करा रहा है, जिसके कारण आज यानी 27 मई 2026 को यातायात पर असर पड़ेगा। सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों की आवाजाही को समय-समय पर रोका जाएगा ताकि जांच का काम सही से पूरा हो सके।
जांच का समय और ट्रैफिक रूट पर क्या असर होगा?
यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मोबाइल बेयरिंग इंस्पेक्शन यूनिट (MBIU) के जरिए यह जांच सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान भारी वाहनों सहित अन्य ट्रैफिक को बीच-बीच में रोका जाएगा। आम लोगों की परेशानी कम करने के लिए एक से दो घंटे के अंतराल पर रास्ता खोला भी जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और पुलिस का सहयोग करें।
पुल की सुरक्षा और पुराने हादसों का क्या है इतिहास?
यह पुल काफी पुराना है और पहले भी इसमें कई समस्याएं आई हैं। साल 2018 में ओवरलोडिंग की वजह से पुल के पिलर नंबर छह और सात के बीच दरार आ गई थी, जिसे बाद में ठीक किया गया। हाल ही में मार्च और अप्रैल 2026 में रेलिंग टूटने से वाहन गंगा नदी में गिरे, जिनमें जानमाल का नुकसान हुआ। NHAI ने इन घटनाओं के बाद क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत का काम पूरा किया था।
बिहार में पुलों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
बिहार सरकार ने राज्य के सभी पुराने पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) मानसून से पहले लगभग 45,000 छोटे-बड़े पुलों की जांच करा रहा है। इसके साथ ही बिहार में पहली ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी 2025 लागू की गई है, जिसमें IIT पटना और IIT दिल्ली ड्रोन और सेंसर जैसे आधुनिक उपकरणों से 85 बड़े पुलों की जांच कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हमीद सेतु पर ट्रैफिक कब तक प्रभावित रहेगा?
27 मई 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जांच कार्य चलेगा। इस दौरान भारी वाहनों और अन्य ट्रैफिक को समय-समय पर रोका जाएगा।
पुल की जांच कौन सी संस्था करा रही है?
यह सुरक्षा जांच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मोबाइल बेयरिंग इंस्पेक्शन यूनिट (MBIU) की मदद से कराई जा रही है।