Haryana: गुरुग्राम अब रियल एस्टेट की दुनिया में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। हरियाणा सरकार की ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना के तहत यहां भारत की सबसे ऊंची इमारत बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट को सरकार ने सैद्धांतिक
Haryana: गुरुग्राम अब रियल एस्टेट की दुनिया में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। हरियाणा सरकार की ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना के तहत यहां भारत की सबसे ऊंची इमारत बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट को सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे यह शहर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े केंद्रों को कड़ी टक्कर देगा।
इमारत की ऊंचाई और खासियतें क्या होंगी
प्रस्तावित टावर की ऊंचाई 620 मीटर से 700 मीटर के बीच हो सकती है। यह मुंबई की पैलेस रॉयल जैसी मौजूदा ऊंची इमारतों को काफी पीछे छोड़ देगी। यह एक ‘मिक्स्ड-यूज’ बिल्डिंग होगी, जिसका मतलब है कि इसमें एक ही छत के नीचे ऑफिस, लग्जरी होटल, घर, शॉपिंग सेंटर और मनोरंजन क्षेत्र जैसी तमाम सुविधाएं मिलेंगी। इसमें एक ऑब्जर्वेशन डेक और स्काई व्यू गैलरी भी होगी जहां से पूरे शहर का नजारा दिखेगा।
कहाँ बनेगी यह बिल्डिंग और क्या हैं चुनौतियां
यह विशाल इमारत गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 1,000 एकड़ में फैल रही ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना के अंदर बनेगी। HSIIDC ने इसके लिए 6.7 एकड़ का एक प्लॉट चुना है। हालांकि, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के पास होने की वजह से इसकी ऊंचाई को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। इसके लिए DGCA और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से मंजूरी लेना जरूरी होगा।
इस प्रोजेक्ट का शहर पर क्या असर पड़ेगा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम को दुनिया के बड़े व्यापारिक केंद्रों की तरह विकसित करना है। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल और क्रिसुमी कॉर्पोरेशन के कुणाल ऋषि जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और यह क्षेत्र एक विश्व-स्तरीय शहरी गंतव्य बन जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गुरुग्राम की इस प्रस्तावित इमारत की ऊंचाई कितनी होगी
इस टावर की अनुमानित ऊंचाई 620 मीटर से 700 मीटर के बीच होगी, जो इसे भारत की सबसे ऊंची इमारत बना देगी।
यह बिल्डिंग कहाँ बनाई जाएगी
यह इमारत गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास स्थित 1,000 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना के अंतर्गत बनाई जाएगी।