Haryana : गुरुग्राम के सोहना हाईवे पर एक बार फिर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया है। यह हादसा 6 मई 2026 को सुभाष चौक के पास हुआ, जहाँ करीब 10 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। साल 2023 के बाद से इस सड़क पर यह छठी बा
Haryana : गुरुग्राम के सोहना हाईवे पर एक बार फिर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया है। यह हादसा 6 मई 2026 को सुभाष चौक के पास हुआ, जहाँ करीब 10 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। साल 2023 के बाद से इस सड़क पर यह छठी बार है जब ऐसा हुआ है, जिससे लोगों में डर और नाराजगी है। प्रशासन ने हादसे को रोकने के लिए इलाके की बैरिकेडिंग कर दी है और सड़क का 30% हिस्सा बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
सड़क बार-बार क्यों धंस रही है?
इस समस्या की मुख्य वजह सड़क के नीचे दबी करीब 30 साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन है। यह 1,800-mm की पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसकी वजह से जमीन अंदर से खोखली हो रही है और सड़क धंस रही है। पहले HUDA ने 28.75 करोड़ रुपये के बजट से इसे ठीक करने का प्लान बनाया था, लेकिन बाद में काम का दायरा घटा दिया गया और केवल मैनहोल ठीक किए गए, मुख्य पाइपलाइन को नहीं बदला गया।
NHAI और GMDA के बीच क्या है विवाद?
सीवर लाइन की जिम्मेदारी 2022 में GMDA को सौंपी गई थी। अब NHAI को CIPP टेक्नोलॉजी के जरिए इस लाइन को ठीक करने का काम दिया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 68 करोड़ रुपये है। हालांकि, सरकारी विभागों के बीच आपसी खींचतान और मंजूरी की लंबी प्रक्रिया के कारण यह काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक ने बताया कि वे GMDA के साथ मिलकर मरम्मत का काम जल्द पूरा करेंगे।
गुरुग्राम के अन्य इलाकों में सीवर की क्या हालत है?
सिर्फ सोहना हाईवे ही नहीं, बल्कि पूरे गुरुग्राम में सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत खराब है। MCG को जनवरी 2026 में गंदे पानी को स्टॉर्म वाटर ड्रेन में डालने से रोकने के निर्देश मिले थे। राजेंद्र पार्क में 14 अवैध कनेक्शन काटे गए और सेक्टर 81 से 115 के बीच 69 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का रखरखाव अब GMDA देखेगा। वहीं, मेफील्ड गार्डन्स के लोग 2012 से सीवर ओवरफ्लो की समस्या झेल रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सोहना हाईवे पर सड़क धंसने का मुख्य कारण क्या है?
सड़क के नीचे लगी 30 साल पुरानी 1,800-mm की मास्टर सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है, जिसकी वजह से जमीन धंस रही है।
इस समस्या को ठीक करने के लिए कितना बजट तय किया गया है?
NHAI द्वारा CIPP टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सीवर लाइन के पुनर्वास के लिए करीब 68 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है।