Haryana: गुरुग्राम का रियल एस्टेट मार्केट इस समय काफी तेजी में है। शहर में ऑफिस और घरों की मांग इतनी बढ़ गई है कि यह देश के सबसे मजबूत बाजारों में से एक बन गया है। लग्जरी घरों की बढ़ती डिमांड और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजे
Haryana: गुरुग्राम का रियल एस्टेट मार्केट इस समय काफी तेजी में है। शहर में ऑफिस और घरों की मांग इतनी बढ़ गई है कि यह देश के सबसे मजबूत बाजारों में से एक बन गया है। लग्जरी घरों की बढ़ती डिमांड और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से यहां निवेश करने वालों की भीड़ बढ़ रही है।
Gurugram में निवेश और नए प्रोजेक्ट्स का हाल क्या है?
RERA गुरुग्राम के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच नए प्रोजेक्ट्स में करीब 27,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है। इस दौरान 35 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली, जिनमें से 23 सिर्फ रिहायशी (Residential) हैं। कुल 11,513 यूनिट्स में से 10,630 घर मंजूर हुए हैं। अब तक कुल 1,057 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें 825 रिहायशी प्रोजेक्ट्स हैं।
प्रॉपर्टी की कीमतों और सर्कल रेट में कितनी बढ़ोतरी हुई?
सरकार ने 2026 के लिए सर्कल रेट में 15% से 75% तक की बढ़ोतरी की है। सबसे ज्यादा असर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर वाले इलाकों में दिखा है।
| इलाका/कॉरिडोर |
संभावित बढ़ोतरी/रिटर्न |
| DLF Phase V |
75% तक की बढ़ोतरी |
| Dwarka Expressway |
12-18% सालाना ROI |
| संपूर्ण गुरुग्राम (2026) |
8-15% सालाना कीमत वृद्धि |
खरीददारों के लिए RERA ने क्या नए नियम बनाए हैं?
RERA गुरुग्राम ने अब 2024 तक की सभी लंबित शिकायतों को सुलझा लिया है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब प्रमोटरों की जानकारी की कड़ी जांच होगी और मंजूरी से पहले एक्सपर्ट्स द्वारा फिजिकल इंस्पेक्शन किया जाएगा। साथ ही, हर तीन महीने में प्रोग्रेस रिपोर्ट देना और प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के लिए पब्लिक नोटिस जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गुरुग्राम में निवेश के लिए सबसे अच्छे इलाके कौन से हैं?
Dwarka Expressway कॉरिडोर में सबसे ज्यादा रिटर्न (12-18% सालाना) मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा Golf Course Extension Road और न्यू गुरुग्राम (सेक्टर 79-95) में लग्जरी घरों की काफी मांग है।
RERA ने घर खरीदारों की मदद के लिए क्या किया है?
RERA गुरुग्राम ने 2024 तक की सभी पेंडिंग शिकायतों का निपटारा कर दिया है। अब प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए फिजिकल इंस्पेक्शन और तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट जैसे कड़े नियम लागू किए गए हैं।