Gurugram में लेबर विवाद रोकने के लिए पुलिस की नई पहल, हर थाने में बनेगी Labour Liaison टीम
Gurugram: शहर के औद्योगिक इलाकों में मजदूरों और कंपनियों के बीच होने वाले झगड़ों को रोकने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अप्रैल 2026 में मानेसर में हुई हिंसा के बाद, पुलिस कमिश्नर सिबाश कबीरज ने सभी थानो
Gurugram: शहर के औद्योगिक इलाकों में मजदूरों और कंपनियों के बीच होने वाले झगड़ों को रोकने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अप्रैल 2026 में मानेसर में हुई हिंसा के बाद, पुलिस कमिश्नर सिबाश कबीरज ने सभी थानों में Labour Liaison and Industrial Coordination Teams (LLICT) बनाने का आदेश दिया है। यह नई व्यवस्था 30 जून 2026 के आसपास लागू की गई है ताकि भविष्य में लेबर विवादों को समय रहते सुलझाया जा सके।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इन टीमों का मुख्य काम इंडस्ट्री मैनेजमेंट, लेबर यूनियन और प्रशासन के बीच तालमेल बिठाना होगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और किसी भी विवाद पर पुलिस तुरंत एक्शन ले सकेगी। हर थाने में फैक्ट्रियों की संख्या और जरूरत के हिसाब से एक या दो ऐसी टीमें तैनात की जाएंगी। इन टीमों में 4 से 5 पुलिसकर्मी होंगे, जिन्हें उनकी बातचीत करने की अच्छी क्षमता और पब्लिक डीलिंग के अनुभव के आधार पर चुना गया है।
इन टीमों की जिम्मेदारियां काफी विस्तृत होंगी। ये पुलिसकर्मी कंपनियों के सिक्योरिटी ऑफिसर्स, HR अधिकारियों और लेबर यूनियनों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे। साथ ही, ये संवेदनशील औद्योगिक इलाकों का दौरा करेंगे और किसी भी विवाद की जानकारी तुरंत ऊपर तक पहुंचाएंगे। खास तौर पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा और बाहरी असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| टीम का नाम | Labour Liaison and Industrial Coordination Teams (LLICT) |
| प्रमुख उद्देश्य | लेबर विवादों का समाधान और कानून-व्यवस्था बनाए रखना |
| टीम संरचना | 4 से 5 कुशल पुलिसकर्मी प्रति टीम |
| ट्रेनिंग | महीने में एक दिन (लेबर कानून, भीड़ नियंत्रण और बातचीत कौशल) |
| रिपोर्टिंग | दैनिक रिपोर्ट SHO और ACP को देनी होगी |
| निगरानी | DCP ड्यूटी चार्ट बनाएंगे और ACP रिव्यु करेंगे |
इन टीमों को तैयार करने के लिए हर महीने एक दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें लेबर कानूनों, भीड़ को संभालने और संकट प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे। हर टीम को अपनी डेली एक्टिविटी रिपोर्ट SHO और ACP को देनी होगी, जिसकी साप्ताहिक और मासिक समीक्षा उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस पहल से गुरुग्राम में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा और विवादों का निपटारा जल्दी हो सकेगा।