Haryana: गुरुग्राम में नगर निगम (MCG) के दफ्तरों को बम से उड़ाने की ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। गुरुवार, 4 जून 2026 को जिला उपायुक्त को मिली इस धमकी के बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हो गईं। सेक्टर 34, 39 और 42
Haryana: गुरुग्राम में नगर निगम (MCG) के दफ्तरों को बम से उड़ाने की ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। गुरुवार, 4 जून 2026 को जिला उपायुक्त को मिली इस धमकी के बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हो गईं। सेक्टर 34, 39 और 42 स्थित ऑफिसों को खाली कराकर वहां सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
क्या था पूरा मामला और कहां मिली धमकी
नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के PRO सत्यबीर सिंह रोहिल्ला ने बताया कि ईमेल मिलते ही पूरी बिल्डिंग को खाली करा लिया गया था। उस समय ऑफिस में करीब 1,000 कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे। धमकी में सेक्टर 34 के मुख्य ऑफिस, मेयर ऑफिस और सेक्टर 39 व 42 के दफ्तरों का जिक्र था। इसके अलावा ईमेल में हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की बात भी कही गई थी।
पुलिस जांच में क्या निकला और अब क्या स्थिति है
गुरुग्राम पुलिस के PRO संदीप कुमार तूरान ने जानकारी दी कि बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड ने पूरी जगह की जांच की लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने इस पूरे मामले को एक ‘होक्स’ यानी अफवाह करार दिया है। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है जिसने यह ईमेल भेजा था। ईमेल में ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ का नाम भी सामने आया है।
कर्मचारियों और जनता के लिए क्या निर्देश दिए गए
MCG प्रशासन ने सभी स्टाफ के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि सभी अधिकारी सतर्क रहें और किसी भी लावारिस बैग या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत सुरक्षा टीम को दें। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई भी खबर शेयर न करें और घबराएं नहीं। पुलिस ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गुरुग्राम नगर निगम के किन ऑफिसों में बम की धमकी मिली थी
धमकी भरे ईमेल में सेक्टर 34 स्थित मुख्य नगर निगम ऑफिस, मेयर ऑफिस और सेक्टर 39 व 42 के ऑफिसों का जिक्र किया गया था।
क्या जांच के दौरान कोई विस्फोटक मिला
नहीं, पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की गहन तलाशी के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इसे अफवाह माना गया।