Gurugram में अवैध PG पर चला प्रशासन का डंडा, सैकड़ों प्रोफेशनल्स को घर खाली करने का आदेश

Haryana/Gurugram : गुरुग्राम के पॉश इलाकों में चलने वाले अवैध पेइंग गेस्ट (PG) और किराए के मकानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। DLF की रेजिडेंशियल कॉलोनियों में चल रहे इन अनधिकृत पीजी और 1BHK/1RK यूनिट्स को सील

Haryana/Gurugram : गुरुग्राम के पॉश इलाकों में चलने वाले अवैध पेइंग गेस्ट (PG) और किराए के मकानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। DLF की रेजिडेंशियल कॉलोनियों में चल रहे इन अनधिकृत पीजी और 1BHK/1RK यूनिट्स को सील किया जा रहा है, जिसकी वजह से यहां रहने वाले सैकड़ों कामकाजी लोग और परिवार अचानक बेघर हो गए हैं।

यह पूरी कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बाद की गई है। जून 2026 में इस अभियान ने रफ्तार पकड़ी और खासकर DLF फेज 3 में बड़े पैमाने पर सीलिंग की गई। प्रशासन ने किरायेदारों को 30 जून 2026 तक जगह खाली करने की सलाह दी थी ताकि सीलिंग के दौरान उन्हें परेशानी न हो। अधिकारियों के मुताबिक, शहर में करीब 5,000 संपत्तियां जांच के दायरे में हैं और अनुमान है कि इन कॉलोनियों के करीब 60% प्लॉट बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (Enforcement) अमित मधोलिया ने साफ किया है कि बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि सीलिंग की वजह से किरायेदारों को होने वाले किसी भी नुकसान के लिए प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा। नगर निगम (MCG) और GMDA के अधिकारियों का कहना है कि शहर में जलभराव की बड़ी वजह यही अवैध निर्माण और बढ़ती आबादी है, जिससे ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है।

नियमों के मुताबिक, किसी भी रेजिडेंशियल प्लॉट को पीजी चलाने के लिए लैंड यूज बदलना पड़ता है, कमर्शियल टैक्स देना होता है और फायर सेफ्टी व स्ट्रक्चरल नियमों का पालन करना जरूरी होता है, जिसे ज्यादातर संचालक नजरअंदाज करते हैं। इस कार्रवाई के बाद आस-पास के इलाकों में किराए बढ़ गए हैं और कई किरायेदारों को अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिलने में दिक्कत आ रही है।

प्रशासन की इस सख्ती का असर अन्य इलाकों में भी दिख रहा है। मार्च 2026 में हरियाणा मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर सुशांत लोक, साउथ सिटी और निर्वाणा कंट्री जैसी लाइसेंस्ड कॉलोनियों में भी अवैध गेस्ट हाउसों का सर्वे शुरू किया गया है। मई 2026 में कन्हाई गांव में एक सात मंजिला अवैध पीजी इमारत को भी ढहा दिया गया था।