Haryana: गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों और नियमों के खिलाफ जाकर बनाए गए मकानों पर प्रशासन सख्त हो गया है। नगर निगम और DTCP की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में करीब 20 हजार अवैध इमारतें हैं जिन्हें गिराया जा सकता है। प्रशासन का म
Haryana: गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों और नियमों के खिलाफ जाकर बनाए गए मकानों पर प्रशासन सख्त हो गया है। नगर निगम और DTCP की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में करीब 20 हजार अवैध इमारतें हैं जिन्हें गिराया जा सकता है। प्रशासन का मुख्य फोकस उन निर्माणों पर है जिन्होंने सरकारी जमीन और रास्तों पर कब्जा किया हुआ है।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई और क्या गिराया गया
DTCP ने हाल ही में पांच दिनों का अभियान चलाया जिसमें DLF Phase 1 और 2, South City-1, Palam Vihar और Sushant Lok जैसे इलाकों को कवर किया गया। इस दौरान करीब 6,500 से 7,500 अवैध ढांचे गिराए गए जिससे 200 किलोमीटर से ज्यादा सड़क का रास्ता साफ हुआ। प्रशासन ने मुख्य रूप से बाहर निकली हुई बाउंड्री वॉल, गेट, रैंप, गार्ड रूम, फेंसिंग और अवैध कमर्शियल दुकानों को हटाया है।
Stilt-plus-four पॉलिसी और कोर्ट का क्या आदेश है
पंजाब और हरियाणा High Court ने ‘stilt-plus-four-floor’ पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाई है, जो केवल गुरुग्राम के लिए लागू है। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सार्वजनिक रास्तों (Right of Way) पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। Additional Chief Secretary अनुराग अग्रवाल ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बिल्डिंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और रास्तों से कब्जे हटाए जाएं।
आगे क्या होगा और HSVP की क्या तैयारी है
HSVP ने भी सेक्टरों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। यह अभियान मई के पहले हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) अमित मधोलिया के मुताबिक यह एक समयबद्ध प्रक्रिया है और शहर की सभी लाइसेंस्ड कॉलोनियों में चरणबद्ध तरीके से यह कार्रवाई जारी रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गुरुग्राम में किन निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा
उन 20,000 से ज्यादा इमारतों और 200 अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन किया है या सरकारी रास्तों और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा किया है।
क्या Stilt-plus-four पॉलिसी पर पूरी तरह रोक लग गई है
पंजाब और हरियाणा High Court ने इस पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाई है जो सिर्फ गुरुग्राम में लागू है, लेकिन सार्वजनिक रास्तों से अतिक्रमण हटाने की अनुमति कोर्ट ने दे रखी है।