Gurugram के Bandhwari लैंडफिल में फिर लगी आग, एक्टिविस्ट ने NGT से की शिकायत, MCG पर लापरवाही का आरोप

Haryana/Gurugram: गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर स्थित Bandhwari लैंडफिल साइट पर 25 जून 2026 को एक बार फिर भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद पर्यावरण एक्टिविस्ट वैशाली राणा ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) में शिका

Haryana/Gurugram: गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर स्थित Bandhwari लैंडफिल साइट पर 25 जून 2026 को एक बार फिर भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद पर्यावरण एक्टिविस्ट वैशाली राणा ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को दिए गए अपने पुराने वादों को पूरा नहीं किया और आग रोकने के इंतजाम फेल रहे।

यह आग सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई और दोपहर 1 बजे तक इसे काफी हद तक नियंत्रित किया गया, जबकि दोपहर 2:30 बजे बारिश होने से बचे हुए हॉटस्पॉट्स भी बुझ गए। इस साल यह दूसरी बड़ी आग है, इससे पहले अप्रैल 2026 में भी यहां करीब 50 घंटे तक आग लगी रही थी। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से जून 2025 के बीच इस साइट पर 80 से ज्यादा बार आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।

नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने सुरक्षा में चूक के चलते कचरा प्रोसेसिंग का काम देख रही एक निजी एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, अप्रैल की आग के लिए प्रस्तावित 5 लाख रुपये के जुर्माने की मंजूरी अभी बाकी है। MCG के जॉइंट कमिश्नर डॉ. प्रीतपाल सिंह ने बताया कि गर्मियों में तापमान बढ़ने और मीथेन गैस बनने की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि अब वहां पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, पानी के टैंकर और एक फायर टेंडर हमेशा तैनात रखा गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की जांच में पाया गया कि यहां मीथेन मॉनिटरिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा था और कचरे के ढेरों के तापमान को नियंत्रित करने वाले नियमों का पालन नहीं हो रहा था। लैंडफिल की क्षमता से ज्यादा करीब 2,400 मीट्रिक टन कचरा यहां रोज पहुंच रहा है। साथ ही, लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट न होने की वजह से गंदा पानी सीधे सार्वजनिक सीवरों और पास के जंगलों में जा रहा है।

HSPCB ने अप्रैल 2020 से जून 2025 के बीच MCG पर 6.3 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया था, जिसमें से 3.5 करोड़ रुपये अभी भी वसूलने बाकी हैं। स्थानीय निवासी और बांधवारी गांव के सरपंच हरबीर हरसाना ने इस स्थिति को चिंताजनक बताया है। फिलहाल MCG कचरा फेंकने के लिए किसी वैकल्पिक जगह की तलाश कर रहा है।