Haryana: गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को लेकर लोगों का रुझान दिल्ली के मुकाबले काफी कम नजर आ रहा है। जहाँ दिल्ली में 13% लोग EV अपना चुके हैं, वहीं गुरुग्राम में यह आंकड़ा सिर्फ 6% है। चार्जिंग स्टेशनों की कमी
Haryana: गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को लेकर लोगों का रुझान दिल्ली के मुकाबले काफी कम नजर आ रहा है। जहाँ दिल्ली में 13% लोग EV अपना चुके हैं, वहीं गुरुग्राम में यह आंकड़ा सिर्फ 6% है। चार्जिंग स्टेशनों की कमी और नियमों में उलझन की वजह से शहर के लोग नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने से कतरा रहे हैं।
Gurgaon में EV अपनाने में क्या आ रही हैं दिक्कतें?
गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार धीमी होने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की है। हाल ही में 17 अप्रैल 2026 को गुरुग्राम फायर डिपार्टमेंट ने सुरक्षा कारणों से अपार्टमेंट पार्किंग से चार्जिंग पॉइंट्स हटाने का आदेश दिया था। इससे पुराने EV मालिकों को परेशानी हुई है और नए खरीदार अब डर रहे हैं कि उन्हें गाड़ी चार्ज करने की जगह मिलेगी या नहीं। इसके अलावा, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के बीच चार्जिंग स्टेशन लगाने को लेकर अक्सर आपसी विवाद होते रहते हैं।
Delhi की नई EV पॉलिसी में क्या खास है?
दिल्ली सरकार ने 2026-2030 के लिए एक ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार की है, जिसमें EV खरीदने वालों को बड़े फायदे दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30% गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाना है। इसके लिए भारी बजट और सब्सिडी की योजना बनाई गई है।
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन |
30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों के लिए 2030 तक पूरी छूट |
| पुरानी गाड़ी स्क्रैपिंग |
नई EV खरीदने पर 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव |
| टू-व्हीलर सब्सिडी |
30,000 रुपये तक की सब्सिडी (समय के साथ कम होगी) |
| पेट्रोल टू-व्हीलर बैन |
1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन बंद |
| थ्री-व्हीलर नियम |
1 जनवरी 2027 से सभी नए थ्री-व्हीलर इलेक्ट्रिक होने चाहिए |
Haryana सरकार की EV पॉलिसी और फायदे
हरियाणा सरकार ने जून 2022 में अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी अधिसूचित की थी, जिसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद को मॉडल सिटी घोषित किया गया था। इस पॉलिसी के तहत राज्य सरकार ने कई रियायतें दी हैं।
- हरियाणा में खरीदी गई ट्रांसपोर्ट EV पर रोड टैक्स से 100% छूट मिलती है।
- EV खरीदारों को ऑन-रोड कीमत पर 30% सब्सिडी सीधे रिइम्बर्समेंट के रूप में दी जाती है।
- सभी रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक गाड़ियों को स्टेट टोल टैक्स से छूट दी गई है।
- EV मैन्युफैक्चरर्स को स्टाम्प ड्यूटी में 100% रिफंड और 20 साल तक बिजली शुल्क में छूट मिलती है।