Haryana: गुरुग्राम के सुभाष चौक पर लगने वाले भारी जाम से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एंट्री पॉइंट पर ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने बुनियादी ढांचे में बदलाव की योजना बनाई
Haryana: गुरुग्राम के सुभाष चौक पर लगने वाले भारी जाम से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एंट्री पॉइंट पर ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने बुनियादी ढांचे में बदलाव की योजना बनाई है। इस कदम से सोहना रोड और आसपास के इलाकों में सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों का समय बचेगा।
सुभाष चौक पर क्या-क्या बदलाव होंगे?
NHAI और GMDA ने मिलकर इस इलाके को जाम मुक्त बनाने का प्लान तैयार किया है। एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स के बीच की दूरी बढ़ाई जाएगी ताकि गाड़ियों की कतार कम हो। साथ ही, मुख्य सड़क के किनारे चलने वाली सर्विस रोड को दो लेन से बढ़ाकर तीन लेन कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस रास्ते से रोजाना करीब 20,000 गाड़ियां गुजरती हैं, इसलिए इसे चौड़ा करना जरूरी था।
पैदल चलने वालों और ड्रेनेज का भी रखा गया ध्यान
सिर्फ सड़कें ही चौड़ी नहीं होंगी, बल्कि यहाँ फुटपाथ भी बनाए जाएंगे ताकि पैदल चलने वाले लोग सुरक्षित रहें। बारिश के समय होने वाले जलभराव को रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर किया जाएगा। GMDA के सीईओ पी.सी. मीणा और अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी ने इस प्रोजेक्ट की निगरानी की है। सुभाष चौक से बख्तवार चौक तक की सड़क को एक मॉडल ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी।
अन्य प्रोजेक्ट्स से कैसे मिलेगी राहत?
जाम कम करने के लिए कुछ और बड़े प्रोजेक्ट्स भी पाइपलाइन में हैं। वाटिका चौक से NH-48 तक 4.2 किमी लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसकी लागत 755 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, वाटिका चौक से CPR क्लोवरलीफ तक एक और एलिवेटेड कॉरिडोर की मंजूरी मिली है। ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर राजीव चौक और सुभाष चौक जैसे मुख्य पॉइंट्स पर ट्रैफिक का दबाव कम करेंगे, जिससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुभाष चौक पर जाम कम करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
यहाँ सर्विस रोड को 2 लेन से बढ़ाकर 3 लेन किया जाएगा और एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के बीच की दूरी बढ़ाई जाएगी ताकि बॉटलनेक खत्म हो सके।
इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
इस पूरे प्लान को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।