Haryana : गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 609 करोड़ रुपये के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना के तहत शहर में कचरा इकट्ठा करने के लिए 831 गाड़ियों का बेड़ा तैनात किया जाएगा। इसका
Haryana : गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 609 करोड़ रुपये के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना के तहत शहर में कचरा इकट्ठा करने के लिए 831 गाड़ियों का बेड़ा तैनात किया जाएगा। इसका मकसद शहर की सड़कों से गंदगी हटाना और घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।
सफाई व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे और क्या हैं नियम
नगर निगम ने यह टेंडर 22 अप्रैल 2026 को जारी किया था। इसके तहत शहर की करीब 4.46 लाख संपत्तियों से रोज 1,200 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा इकट्ठा किया जाएगा। चुनी गई एजेंसियां घरों, दुकानों और ऑफिसों से कचरा उठाकर उसे अलग-अलग करेंगी और फिर उसे Bandhwari प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाएंगी। खास बात यह है कि कचरा उठाने के लिए एजेंसियों द्वारा लोगों या RWAs से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
काम में लापरवाही पर कितना लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने इस बार नियमों को काफी सख्त रखा है। अगर कोई एजेंसी कचरा उठाने में चूक करती है, तो आवासीय घरों के लिए 50 रुपये और व्यावसायिक दुकानों के लिए 100 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, अगर कचरा अलग-अलग (segregate) नहीं किया गया और मिला-जुला कचरा ले जाया गया, तो तय रेट से 1.5 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। एजेंसियों को एग्रीमेंट साइन करने के 30 दिन के भीतर 50% मैनपावर और मशीनरी तैनात करनी होगी, जबकि 60 दिनों में पूरा काम शुरू करना होगा।
अधिकारियों और मेयर ने क्या कहा
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने बताया कि यह कदम शहर की सफाई व्यवस्था को स्थायी समाधान देने के लिए उठाया गया है, ताकि लोगों को अनियमित कचरा डंपिंग से राहत मिले। वहीं, MCG के एडिशनल कमिश्नर रविंद्र यादव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और Bandhwari लैंडफिल में लगने वाली आग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कचरा उठाने के लिए क्या लोगों को पैसे देने होंगे?
नहीं, टेंडर की शर्तों के अनुसार चुनी गई एजेंसियां घरों, संस्थानों या RWAs से कचरा उठाने के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगी।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत और समय सीमा क्या है?
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 609 करोड़ रुपये है और कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती 5 साल के लिए होगा, जिसे परफॉरमेंस के आधार पर 4 साल और बढ़ाया जा सकता है।