Haryana: गुरुग्राम के पॉश इलाकों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम (MCG) ने IIT की मदद से AI सेंसर लगाए हैं। इस कदम का मकसद बारिश के पानी से होने वाली परेशानी को कम करना और नालों की निगरानी क
Haryana: गुरुग्राम के पॉश इलाकों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम (MCG) ने IIT की मदद से AI सेंसर लगाए हैं। इस कदम का मकसद बारिश के पानी से होने वाली परेशानी को कम करना और नालों की निगरानी को बेहतर बनाना है। प्रशासन ने इसके लिए ‘Rain-to-Resilience’ नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है ताकि शहर में बाढ़ जैसी स्थिति न बने।
AI सेंसर और फ्लड मॉनिटरिंग सिस्टम कैसे काम करेगा
नगर निगम गुरुग्राम (MCG) शहर में कुल 40 फ्लड सेंसर लगा रहा है, जिसका काम 10 जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। इनमें से 20 सेंसर उन जगहों पर लगाए जाएंगे जहां सबसे ज्यादा पानी भरता है, जबकि बाकी 20 सेंसर मुख्य सीवर लाइनों में लगाए जाएंगे ताकि ओवरफ्लो का पता तुरंत चल सके। इस पूरे सिस्टम की देखरेख IIT Gandhinagar की मशीन इंटेलिजेंस और रेजिलिएंस लैब कर रही है।
आम लोगों के लिए क्या सुविधाएं और बदलाव किए गए
MCG ने अपनी वेबसाइट mcg.gov.in पर जलभराव की शिकायत के लिए एक नया ऑनलाइन फीचर शुरू किया है। अब लोग पानी भरने की फोटो अपलोड कर सकते हैं और पानी की गहराई के बारे में बता सकते हैं। इसके अलावा, बिजली के झटकों से बचने के लिए जलभराव वाले इलाकों के करीब 1,600 बिजली के खंभों को PVC पाइप से कवर किया जा रहा है।
तैयारियों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
शहर के 153 हॉटस्पॉट पर सफाई और गाद निकालने का काम 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निगरानी के लिए 700 CCTV कैमरों का इस्तेमाल होगा। मौके पर तुरंत कार्रवाई के लिए 269 सीवर कर्मचारी, 84 सक्शन टैंकर और 89 ट्रैक्टर पंप तैनात किए गए हैं। एडिशनल कमिश्नर यश जलुका के मुताबिक, यह डेटा आधारित प्लानिंग भविष्य में शहरी बाढ़ प्रबंधन के लिए एक मिसाल बनेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जलभराव की शिकायत ऑनलाइन कैसे करें
नगर निगम गुरुग्राम की आधिकारिक वेबसाइट mcg.gov.in पर जाकर नए ऑनलाइन फीचर के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है, जहां फोटो और पानी की गहराई की जानकारी दी जा सकती है।
AI सेंसर लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है
इन सेंसर का मकसद सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की रियल-टाइम निगरानी करना है, ताकि प्रशासन समय रहते कदम उठा सके और शहर में बाढ़ जैसी स्थिति न बने।