Gurgaon में जलभराव रोकने के लिए GMDA का नया प्लान, इन मुख्य रास्तों पर होगा खास काम

Haryana/Gurugram: गुड़गांव में मानसून के दौरान सड़कों पर पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। GMDA और MCG मिलकर शहर के मुख्य रास्तों और रिहायशी इलाकों में जलभराव को रोकने के लिए कई इंजीनिय

Haryana/Gurugram: गुड़गांव में मानसून के दौरान सड़कों पर पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। GMDA और MCG मिलकर शहर के मुख्य रास्तों और रिहायशी इलाकों में जलभराव को रोकने के लिए कई इंजीनियरिंग बदलाव कर रहे हैं। इसका मुख्य मकसद यह है कि भारी बारिश के बाद भी ट्रैफिक न रुके और लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।

GMDA ने हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक के कॉरिडोर पर खास इंतजाम किए हैं। यहां सरफेस ड्रेन और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के बीच क्रॉस-कनेक्शन बनाए गए हैं और नए वॉटर शूट्स लगाए गए हैं। यह रास्ता दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48), आईटी पार्क और द्वारका एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, इसलिए यहां विशेष ध्यान दिया गया है। हालांकि, 5 और 6 जुलाई को हुई भारी बारिश से सेक्टर 10, 10A, 3, 7, 9, 34, 69 और बस स्टैंड जैसे इलाकों में पानी भर गया था, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी।

प्रशासन ने इस बार काम समय पर पूरा करने के लिए सख्त डेडलाइन तय की है। GMDA CEO पी.सी. मीणा ने 15 मई 2026 तक सभी जरूरी ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का आदेश दिया था। वहीं MCG ने 145 करोड़ रुपये के बजट से 35 रोड प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, जो दिसंबर 2026 तक पूरे होंगे। सेक्टर 51 और 52 की मास्टर डिवाइडिंग रोड के 2.1 किलोमीटर हिस्से की मरम्मत का काम अगले छह महीनों में पूरा किया जाएगा।

शहर की व्यवस्था सुधारने के लिए MCG ने अब पूरे शहर को दो क्लस्टर और आठ जोन में बांट दिया है। मेयर राजरानी मल्होत्रा और कमिश्नर प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाजारों और रिहायशी इलाकों की गहरी सफाई की जाए और नालों की गाद (desilting) रोजाना चेक की जाए।

जलभराव रोकने के लिए प्रशासन ने कई अन्य कदम भी उठाए हैं:

पहल/प्रोजेक्ट विवरण
फ्लड कंट्रोल ऑफिस बारिश की निगरानी और शिकायतों के लिए 24×7 ऑफिस शुरू किया गया है।
स्टॉर्म वॉटर ड्रेन (Leg 4) वटिका चौक से रामप्रस्थ सोसाइटी तक 105 करोड़ की नई ड्रेन बनाई गई है।
ग्रीन ड्रेन सिग्नेचर चौक से अतुल कटारिया चौक तक ग्रीन बेल्ट को लेवल किया गया है ताकि पानी निकल सके।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सेक्टर 1 से 57 के बीच 5 पायलट सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
इमरजेंसी मशीनरी पंप सेट, सक्शन टैंकर और हाई-कैपेसिटी DG सेट तैनात किए गए हैं।

वहीं, दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-8) पर नरसिंहपुर गांव के पास पाइपलाइन बिछाने के काम में दिक्कत आ रही है। यहां हाई-टेंशन बिजली की तारें और गैस पाइपलाइन रास्ते में हैं। GMDA के चीफ इंजीनियर हेमंत यादव ने कहा है कि इन बाधाओं को हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं और इस बार हाईवे पर पानी नहीं भरने दिया जाएगा।