Haryana: गुरुग्राम में एक 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह चौथा आरोपी है, जो एक घरेलू सहायिका का साला है और अब उसे इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा
Haryana: गुरुग्राम में एक 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह चौथा आरोपी है, जो एक घरेलू सहायिका का साला है और अब उसे इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में गुस्से और चिंता का माहौल बना दिया है।
अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुआ और क्या है मामला
पुलिस ने अब तक इस केस में कुल चार लोगों को पकड़ा है। इनमें दो महिला घरेलू सहायिकाएं, उनका एक पति और अब एक घरेलू सहायिका का साला शामिल है। पुलिस के मुताबिक, दो सहायिकाएं बच्ची को पार्क में ले गई थीं, जिसके बाद एक पुरुष आरोपी ने बच्ची का यौन शोषण किया। यह घटना दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुई थी, जिसकी शिकायत 4 फरवरी को दर्ज कराई गई जब बच्ची ने अपनी मां को सब बताया।
Supreme Court ने पुलिस और CWC को क्यों फटकारा
इस केस की जांच के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस और Child Welfare Committee (CWC) के रवैये को शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया। कोर्ट का कहना था कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की और POCSO एक्ट की गंभीर धारा 6 की जगह हल्की धारा 10 लगाकर अपराध को कम करने का प्रयास किया। इसके अलावा, एक निजी अस्पताल की डॉक्टर पर भी अपनी मेडिकल रिपोर्ट बदलने का आरोप लगा है।
SIT का गठन और आगे की जांच की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 मार्च 2026 को एक नई जांच के आदेश दिए। इसके लिए तीन महिला IPS अधिकारियों (Kala Ramachandran, Anshu Singla और Jasleen Kaur) की एक Special Investigation Team (SIT) बनाई गई है।
- SIT सादे कपड़ों में और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के साथ बच्ची के घर जाकर बयान दर्ज करेगी।
- कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक SIT अपनी चार्जशीट दाखिल नहीं करती, आरोपियों की जमानत याचिका पर विचार नहीं होगा।
- तीन आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट पूरा हो चुका है।