Gujarat: जूनागढ़ की एक फैमिली कोर्ट ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह कदम एक 33 साल के व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी और 5 साल के बेटे को मेंटेनेंस के पैसे न देने और पुलिस द्वारा
Gujarat: जूनागढ़ की एक फैमिली कोर्ट ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह कदम एक 33 साल के व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी और 5 साल के बेटे को मेंटेनेंस के पैसे न देने और पुलिस द्वारा वारंट लागू न करने के बाद उठाया है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुंबई पुलिस ने वारंट लागू करने में क्यों की लापरवाही
केसोड फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज P.H. Singh ने पाया कि मुंबई के डोंगरी पुलिस स्टेशन ने आरोपी पति को पकड़ने के लिए कोई गंभीर कोशिश नहीं की। कोर्ट के मुताबिक, वारंट बार-बार बिना किसी सही जांच के वापस भेज दिए गए। यह तब हुआ जब आरोपी उसी पते का इस्तेमाल अपनी पत्नी के खिलाफ कानूनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए कर रहा था। जज ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को बचाने की कोशिश की, जिससे पत्नी और बच्चा दाने-दाने को मोहताज हो गए।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट की चेतावनी
यह मामला 2022 में शुरू हुआ था जब पत्नी ने सेक्शन 125 CrPC के तहत मेंटेनेंस के लिए अर्जी दी थी। जून 2024 में कोर्ट ने पत्नी को 4,000 रुपये और बच्चे को 2,000 रुपये महीना देने का आदेश दिया था। अब तक 1.8 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया हो चुका है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस कमिश्नर ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उनके और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को क्यों बुलाया है?
कोर्ट ने उन्हें इसलिए बुलाया है क्योंकि मुंबई के डोंगरी पुलिस स्टेशन ने एक आरोपी पति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लागू नहीं किया, जिसने अपनी पत्नी और बच्चे को मेंटेनेंस नहीं दिया है।
इस मामले में अब तक कितना पैसा बकाया है?
कोर्ट के आदेश के बावजूद आरोपी पति ने मेंटेनेंस नहीं दिया है और अब तक 1.8 लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया हो चुकी है।