Greater Noida West को तोहफ़ा, 900 करोड़ से बनेगा डबल-डेकर फ्लाईओवर, जाम से मिलेगी बड़ी राहत

UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शाहबेरी कॉरिडोर पर लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए अब यहां 900 करोड़ रुपये की लागत से एक डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह ग्रेटर नोएडा

UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शाहबेरी कॉरिडोर पर लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए अब यहां 900 करोड़ रुपये की लागत से एक डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह ग्रेटर नोएडा का पहला ऐसा फ्लाईओवर होगा जिसमें दो मंजिलें होंगी, जिससे हजारों लोगों का सफर आसान हो जाएगा।

ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। पहले यहां एक साधारण एलिवेटेड रोड बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर डबल-डेकर डिजाइन किया गया। इसका मुख्य कारण यह था कि शाहबेरी में सड़क की चौड़ाई केवल 14 मीटर है, जबकि साधारण फ्लाईओवर के लिए 15 मीटर जगह चाहिए होती है। नया डबल-डेकर स्ट्रक्चर 12 मीटर की जगह में भी आसानी से बन जाएगा।

यह फ्लाईओवर छह लेन का होगा, जिसमें दोनों मंजिलों पर तीन-तीन लेन होंगी। इसे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एतेदा राउंडअबाउट से शुरू करके शाहबेरी के रास्ते गाजियाबाद के क्रॉसिंग्स रिपब्लिक तक जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह NH-9 यानी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा। फ्लाईओवर को सहारा देने के लिए U-शेप के पिलर लगाए जाएंगे, ताकि नीचे की सड़क पर ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रवि कुमार NG ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होगी। वहीं सीनियर मैनेजर प्रभात शंकर के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को NHAI विकसित करेगा क्योंकि यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इस प्रोजेक्ट का खर्च GNIDA और गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) मिलकर उठाएंगे।

प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद 2026 के अंत तक इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।