Greater Noida में जमीन के लिए किसानों का हल्लाबोल, 29 जून को लखनऊ कूच की चेतावनी
UP/Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के 40 गांवों के किसान अपनी जमीन के बदले आबादी भूखंड की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। किसानों ने एक महापंचायत बुलाकर यह तय किया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 29 जून को पैदल
UP/Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के 40 गांवों के किसान अपनी जमीन के बदले आबादी भूखंड की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। किसानों ने एक महापंचायत बुलाकर यह तय किया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 29 जून को पैदल लखनऊ कूच करेंगे। किसानों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से उनके हक के प्लॉट नहीं मिले हैं।
मामला मुख्य रूप से आबादी भूखंड यानी रिहायशी प्लॉटों के आवंटन से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें विकसित प्लॉट देने का वादा किया गया था, लेकिन कई लोग आज भी इससे वंचित हैं। किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 27 जून तक 4 प्रतिशत अतिरिक्त आवासीय भूखंडों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली, तो वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे।
इस पूरे विवाद की जड़ें पुरानी हैं। नवंबर 1997 में तत्कालीन चेयरमैन और सीईओ ने अधिग्रहित जमीन के बदले 10 प्रतिशत विकसित रिहायशी प्लॉट देने का आदेश दिया था। इसके बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की 91वीं, 104वीं और दिसंबर 2023 की 133वीं बोर्ड मीटिंग में भी पात्र किसानों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट देने का फैसला लिया गया था। किसानों का कहना है कि कागजों पर फैसले तो लिए गए, लेकिन जमीन पर इनका पालन नहीं हुआ।
इस आंदोलन का नेतृत्व चौधरी प्रकाश प्रधान, किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा और विनोद कुमार वर्मा जैसे नेता कर रहे हैं। इससे पहले 5 जून को करीब 500 किसानों ने नोएडा अथॉरिटी ऑफिस पर प्रदर्शन किया था। किसानों ने पुलिस कमिश्नर, जिला मजिस्ट्रेट और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को अपनी योजना के बारे में सूचित कर दिया है।