Greater Noida में 4% अतिरिक्त आबादी भूखंड के लिए किसानों का लखनऊ कूच टला, 6 जुलाई को CEO के साथ होगी बैठक

UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के कई गांवों के किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर लखनऊ कूच की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद किसानों को 6 जुलाई

UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के कई गांवों के किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर लखनऊ कूच की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद किसानों को 6 जुलाई को सीईओ के साथ बैठक का भरोसा मिला है। इस आश्वासन के बाद फिलहाल लखनऊ जाने का कार्यक्रम टाल दिया गया है।

दरअसल, सिरसा, खैरपुर गुर्जर, डाढ़ा और लड़पुरा समेत कई गांवों के किसान 4% अतिरिक्त आबादी भूखंड की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण ने 91वीं, 104वीं और 133वीं बोर्ड बैठकों में इस प्रस्ताव को पास करके शासन को भेजा था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें 64.7% अतिरिक्त मुआवजा और 10% भूखंड देने का वादा किया गया था ताकि वे कोर्ट न जाएं, लेकिन वे वादे पूरे नहीं हुए।

29 जून को जब किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए पैदल लखनऊ की ओर बढ़ रहे थे, तब एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी गिरीश झा और एसडीएम अजय शर्मा जैसे बड़े अधिकारियों ने उन्हें रोका। अधिकारियों ने किसानों के प्रतिनिधियों, जिनमें चौधरी प्रकाश प्रधान और विनोद कुमार वर्मा शामिल थे, से चर्चा की और 6 जुलाई को सीईओ के साथ एक निर्णायक बैठक का समय दिया।

किसानों की यह मांग 1997 के कार्यालय आदेश और 2011 के गजराज बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले के अदालती निर्देशों से जुड़ी है। हालांकि अब 6 जुलाई की बैठक पर सबकी नजर है, लेकिन अगर वहां समाधान नहीं निकला तो अखिल भारतीय किसान सभा, गौतमबुद्ध नगर ने 17 जुलाई को प्राधिकरण कार्यालय पर एक विशाल महापंचायत करने का फैसला किया है।