Lucknow में 9 अगस्त को गोंड समाज का शक्ति प्रदर्शन, जाति प्रमाण-पत्र और हक के लिए जुटेंगे लाखों लोग

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश में गोंड समाज अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लखनऊ में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन होगा, जिसमें लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है। समाज

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश में गोंड समाज अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लखनऊ में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन होगा, जिसमें लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है। समाज के लोग अपनी पहचान और अधिकारों की लड़ाई के लिए राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे।

गोंड समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनाथ गोंड ने बताया कि यूपी में गोंड जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण-पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। इस वजह से वे जनजातीय वर्ग को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और लाभों से वंचित हैं। समाज का आरोप है कि राजस्व अधिकारी कई तरह के बहाने बनाते हैं या पुराने दस्तावेजों की मांग करके काम अटकाते हैं।

इस मुद्दे पर पहले भी कई कदम उठाए गए थे। नवंबर 2021 में यूपी सरकार ने आदेश दिया था कि गोंड जाति प्रमाण-पत्र के आवेदनों को बिना वजह खारिज करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। सरकार ने साफ किया था कि राज्य के 13 जिलों में गोंड समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) और 62 जिलों में अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा मिला हुआ है।

इतना ही नहीं, जून 2025 में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी इस समस्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। अप्रैल 2026 में अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजनाथ रावत ने भी माना कि गोंड उप-जातियां ST दर्जे की हकदार हैं और इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कोशिश होनी चाहिए।

यह संघर्ष काफी समय से चल रहा है। इससे पहले जनवरी 2026 में मऊ की महिलाओं ने, मई 2026 में वाराणसी में समाज के लोगों ने और फरवरी 2026 में विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अगस्त 2021 में अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन का पालन करना चाहिए।