Finance: देश के बड़े शहरों में सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में अब सोना और चांदी खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1.52 लाख रुपये और चांदी
Finance: देश के बड़े शहरों में सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में अब सोना और चांदी खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1.52 लाख रुपये और चांदी की कीमत 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
सोने और चांदी के ताजा भाव क्या हैं?
ताजा अपडेट के मुताबिक, बाजार में कीमती धातुओं के दाम में उछाल आया है। 10 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Gold Futures ₹1,52,589 और Silver Futures ₹2,61,999 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं। दिल्ली में 24-कैरेट सोने की कीमत ₹15,250 प्रति ग्राम है।
| धातु (Metal) |
ताजा भाव/फ्यूचर्स (Price) |
| सोना (Gold Futures) |
₹1,52,589 |
| चांदी (Silver Futures) |
₹2,61,999 |
| 24K सोना (Delhi) |
₹15,250 प्रति ग्राम |
कीमतें बढ़ने पर सरकार और RBI का क्या कहना है?
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बताया कि सरकार सोने की कीमतों पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय दाम बढ़ते हैं लेकिन ये एक तय सीमा के अंदर ही हैं। वहीं, RBI ने अब सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों को महंगाई (Inflation) की निगरानी में शामिल किया है। RBI के मुताबिक, कीमती धातुओं के दाम बढ़ने से महंगाई दर पर 60-70 बेसिस पॉइंट का असर पड़ा है।
SEBI के नए नियम और आयात की स्थिति
SEBI ने 1 अप्रैल 2026 से Gold और Silver ETF के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब म्यूचुअल फंड्स को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के बजाय भारतीय स्टॉक एक्सचेंज के रेट्स का इस्तेमाल करना होगा। दूसरी ओर, सरकार हर 15 दिन में बेस इंपोर्ट प्राइस बदलती है ताकि कस्टम ड्यूटी तय की जा सके। फरवरी 2026 में बेस इंपोर्ट प्राइस घटाया गया था जिससे आयात सस्ता हुआ, लेकिन बाजार की मांग के कारण कीमतें बढ़ी रहीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सरकार सोने की कीमतें तय करती है?
नहीं, वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कीमती धातुओं की कीमतें बाजार की ताकतों (Market Forces) से तय होती हैं, सरकार इन्हें फिक्स नहीं करती है।
SEBI के नए नियमों का ETF पर क्या असर होगा?
अब म्यूचुअल फंड्स को फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की वैल्यू तय करने के लिए भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा जारी रेट्स का उपयोग करना होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।