सोने की कीमतों में आई गिरावट, पर सावधान रहें; World Gold Council ने दी दोबारा दाम बढ़ने की चेतावनी

Finance: रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में अब कुछ कमी आई है, जिससे गहने खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन World Gold Council (WGC) ने चेतावनी दी है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्वि

Finance: रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में अब कुछ कमी आई है, जिससे गहने खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन World Gold Council (WGC) ने चेतावनी दी है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक तनाव और ब्याज दरों में बदलाव के कारण आने वाले समय में कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।

World Gold Council ने अपनी ‘Gold Mid-Year Outlook 2026’ रिपोर्ट में बताया है कि साल 2026 की दूसरी छमाही में सोने के दाम फिलहाल एक दायरे में रह सकते हैं। अगर हालात सामान्य रहे तो कीमतें 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकती हैं, जिसमें 5% तक का उतार-चढ़ाव संभव है। हालांकि, अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है या आर्थिक हालात बिगड़ते हैं, तो दाम 4,500 डॉलर प्रति औंस या उससे ऊपर जा सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, चीन और जापान जैसे एशियाई देशों का सोने की कीमतों को तय करने में बड़ा हाथ है। इन देशों में भू-राजनीतिक जोखिम और स्थानीय करेंसी की कमजोरी की वजह से निवेश की मांग बढ़ी है। साथ ही, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी लगातार सोना खरीद रहे हैं, जो कीमतों को गिरने से रोकने में मदद करता है।

संस्था/कारक अनुमानित लक्ष्य/प्रभाव
J.P. Morgan 2026 के अंत तक 5,000 डॉलर प्रति औंस
Goldman Sachs साल के अंत तक 4,900 डॉलर प्रति औंस
केंद्रीय बैंक सालाना औसत 1,000 टन की खरीदारी
GPR इंडेक्स 100 पॉइंट की बढ़त से दाम में 2.5% की तेजी
डाउनसाइड रिस्क 4,000 डॉलर से नीचे जाने पर बिकवाली बढ़ सकती है

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है या बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो सोने के दाम गिर सकते हैं। लेकिन अगर कीमतें मौजूदा स्तर से 10-15% तक गिरती हैं, तो लोग इसे सस्ते में खरीदने का मौका मानेंगे, जिससे दाम फिर से संभल जाएंगे। फिलहाल निवेशकों को वैश्विक घटनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है क्योंकि ये बाजार का रुख तुरंत बदल सकती हैं।