Telangana: हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पर स्थित GMR Aero Technic अब भारतीय नौसेना के Boeing P-8I विमानों की देखरेख करेगा। इसके लिए GMR Aero Technic और Boeing Defence India के बीच एक समझौता हुआ है। इ
Telangana: हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पर स्थित GMR Aero Technic अब भारतीय नौसेना के Boeing P-8I विमानों की देखरेख करेगा। इसके लिए GMR Aero Technic और Boeing Defence India के बीच एक समझौता हुआ है। इस पार्टनरशिप से भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और विमानों के रखरखाव के लिए एक बड़ा केंद्र विकसित करने में मदद मिलेगी।
GMR Aero Technic और Boeing के बीच क्या हुआ समझौता
14 मई 2026 को हुए इस समझौते के तहत GMR Aero Technic अब भारतीय नौसेना के P-8I विमानों के लिए ‘Phase-56 Heavy Maintenance Checks’ का काम करेगा। यह सारा काम हैदराबाद के GMR Aerospace Park SEZ में स्थित MRO फैसिलिटी में होगा। इसमें विमानों के स्ट्रक्चर को अपग्रेड करना, पूरी जांच करना, पेंटिंग और सिस्टम को बेहतर बनाना शामिल है। यह काम पूरी तरह से Boeing और डिफेंस एविएशन के मानकों के हिसाब से किया जाएगा।
P-8I विमान और भारत की भूमिका
Boeing P-8I एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती और निगरानी विमान है। इसका इस्तेमाल पनडुब्बियों का पता लगाने और समुद्री सुरक्षा के लिए किया जाता है। भारत P-8 विमान खरीदने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक था। फिलहाल भारतीय नौसेना के पास 8 ऐसे विमान हैं और 4 और ऑर्डर दिए गए हैं। GMR Aero Technic के प्रेसिडेंट अशोक गोपीनाथ ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जबकि Boeing Defence India के एमडी निखिल जोशी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के MRO इकोसिस्टम को मजबूत करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
P-8I विमान का मुख्य काम क्या है?
P-8I एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान है। यह मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (anti-submarine warfare) और खुफिया निगरानी (ISR) के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
विमानों का रखरखाव कहाँ किया जाएगा?
इन विमानों का रखरखाव हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थित GMR Aero Technic की MRO फैसिलिटी में किया जाएगा।