दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, Brent Crude 95 डॉलर के पार; आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर

Finance: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया है। बुधवार को Brent Crude की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई, जो पिछले छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ई

Finance: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया है। बुधवार को Brent Crude की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई, जो पिछले छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों पर खतरे की वजह से तेल की सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है, जिससे बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं।

इस बढ़ोत्तरी की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई है। मंगलवार को ईरान ने Strait of Hormuz में एक टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। साथ ही, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य में रोकने की धमकी दी है। इस वजह से कई तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ लगातार 11वीं रात भी हवाई हमले किए हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

बाजार के जानकारों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कीमतों की स्थिति कुछ इस तरह रही:

तेल का प्रकार ताजा कीमत (22 जुलाई 2026) पिछला हाई (11 जून)
Brent Crude $95.41 प्रति बैरल लगभग 6 हफ्ते पहले
WTI Crude $88.56 प्रति बैरल लगभग 6 हफ्ते पहले

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन तेहरान इस मामले में गंभीर नहीं है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर हूती विद्रोहियों ने रेड सी में जहाजों को रोका, तो वॉशिंगटन इसका कड़ा जवाब देगा। दूसरी तरफ, ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके परमाणु केंद्रों पर हमला किया, तो वह क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगा।

विशेषज्ञ Tim Waterer और Frank Walbaum का कहना है कि अब बाजार को दो बड़े समुद्री रास्तों (Strait of Hormuz और Bab el-Mandeb) की चिंता सता रही है। अगर सऊदी अरब का तेल निर्यात प्रभावित होता है, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत जैसे देशों के लिए, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करते हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह तेजी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।