Ghaziabad में पुलिस पिंक बूथ के पास विवाद में युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
Ghaziabad: गाजियाबाद के मधुबन बापुधाम इलाके में एक 22 साल के युवक की मौत का मामला सामने आया है। यह घटना 12 जुलाई 2026 को एक पुलिस पिंक बूथ के पास हुई, जहां शराब के नशे में दो लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। इस घटना के बाद अब
Ghaziabad: गाजियाबाद के मधुबन बापुधाम इलाके में एक 22 साल के युवक की मौत का मामला सामने आया है। यह घटना 12 जुलाई 2026 को एक पुलिस पिंक बूथ के पास हुई, जहां शराब के नशे में दो लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। इस घटना के बाद अब पुलिस कर्मियों की भूमिका और इलाज में हुई देरी को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है, जो पेशे से मैकेनिक था। बताया जा रहा है कि राजकुमार और एक ऑटो रिक्शा चालक के बीच किराए को लेकर बहस हुई थी। दोनों ही नशे में थे। विवाद के दौरान वे पिंक बूथ पहुंचे, जहां राजकुमार ने कथित तौर पर बूथ के कांच के गेट पर वार किया। इस वजह से उसके हाथ में गहरी चोट आई और काफी खून बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक राजकुमार के परिवार की हालत काफी खराब है। उसकी पत्नी आठ महीने की गर्भवती है, पिता बिस्तर पर हैं और बड़ा भाई दिव्यांग है। परिवार और दोस्तों का आरोप है कि पुलिस ने समय पर मदद नहीं की और इलाज में देरी हुई। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें युवक पुलिस बूथ के बाहर खून से लथपथ दिख रहा है।
इस मामले में पुलिस प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। एसीपी (काविनगर) उपासना पांडे ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष नशे में थे और पैसों के विवाद में उलझे थे। वहीं, एसएचओ राम किशन सिंह का कहना है कि पूरी घटना करीब 18-19 मिनट में हुई, जबकि परिवार का दावा है कि युवक एक घंटे तक तड़पता रहा।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने पुष्टि की है कि एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है। इसमें पुलिस कर्मियों के व्यवहार और इमरजेंसी रिस्पांस टाइम की भी जांच होगी। पुलिस ने मधुबन बापुधाम थाने में अज्ञात ऑटो चालक और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2) और 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पिंक बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।