UP: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में Mahagun Montagge प्रोजेक्ट के खरीदार अपनी दिक्कतों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। करीब 50 लोगों ने नोएडा के सेक्टर 63 में बिल्डर के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। खरीदारों का कहना
UP: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में Mahagun Montagge प्रोजेक्ट के खरीदार अपनी दिक्कतों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। करीब 50 लोगों ने नोएडा के सेक्टर 63 में बिल्डर के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। खरीदारों का कहना है कि उन्हें समय पर फ्लैट नहीं मिले, जिसकी वजह से उन्हें घर का किराया और बैंक की EMI दोनों एक साथ भरनी पड़ रही है।
बिल्डर ने क्यों दिया धोखा और क्या है खरीदारों का दर्द
प्रोजेक्ट Mahagun Montagge साल 2016 में शुरू हुआ था और 2019 तक कब्जा देने का वादा किया गया था। लेकिन साल 2025 के जून तक भी काम अधूरा था। कुछ खरीदारों को अब 2027 तक की तारीख दी गई है। मोहित शर्मा नाम के एक खरीदार ने नवंबर 2021 में फ्लैट बुक किया था और 2022 में कब्जा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक उन्हें घर नहीं मिला। खरीदारों का आरोप है कि बिल्डर जानबूझकर देरी कर रहा है ताकि फ्लैट्स को ज्यादा दाम पर दोबारा बेचा जा सके।
UP RERA ने Mahagun ग्रुप पर क्या कार्रवाई की
UP RERA ने इस मामले में काफी सख्त कदम उठाए हैं। सितंबर 2025 में बिल्डर पर जुर्माना लगाया गया क्योंकि कंपनी ने RERA पोर्टल पर इलेक्ट्रिकल ड्राइंग को NOC बताकर गलत जानकारी दी थी। इसके अलावा, रिकवरी सर्टिफिकेट का पालन न करने पर 8 फरवरी 2026 को UP RERA ने Mahagun और कुछ अन्य बिल्डरों के ऑफिस सील कर दिए थे। हालांकि, फरवरी 2026 में NCLAT ने IDBI Trusteeship के साथ हुए समझौते के बाद कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया (insolvency proceedings) को वापस लेने का आदेश दिया।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति और फंडिंग
कुछ खरीदारों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का काम मई 2022 से ही रुका हुआ है और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के साथ मैप को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच, Mahagun ग्रुप ने प्रोजेक्ट के काम को तेज करने के लिए CSL Finance से 225 करोड़ रुपये की फंडिंग ली है। खरीदार अब NCDRC और NCLT जैसे मंचों के जरिए अपना हक पाने की कोशिश कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mahagun Montagge प्रोजेक्ट में कब्जा कब तक मिलने की उम्मीद है?
यह प्रोजेक्ट 2016 में शुरू हुआ था और 2019 तक कब्जा देना था, लेकिन अब कुछ खरीदारों को 2027 तक की नई तारीखें दी गई हैं।
UP RERA ने Mahagun ग्रुप के खिलाफ क्या एक्शन लिया है?
UP RERA ने गलत जानकारी देने पर जुर्माना लगाया और रिकवरी सर्टिफिकेट जमा न करने पर फरवरी 2026 में बिल्डर के ऑफिस सील किए थे।